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सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड : उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रशासन को 15.82 एकड़ जमीन की भेजी अधियाचना

Ranchi : उच्च शिक्षा तकनीकी विभाग ने जिला प्रशासन को सेंट्रल यूनिवर्सिटी कैंपस के लिये 15.82 एकड़ जमीन की अधियाचना भेज दी है. यह जमीन रैयती है. पूर्व में यूनिवर्सिटी ने कैंपस के लिये 140 एकड़ जमीन की मांग सरकार से की थी. इसमें आधी जमीन गैरमजरूआ प्रकृति की है. शेष जमीन की मुआवजा का आकलन किया गया तो काफी अधिक बढ़ गया था. जिसके बाद मामला ठंडा पड़ गया.

लेकिन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बैठक कर इस दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया. बैठक में यह तय किया गया कि जमीन एकमुश्त न लेकर चंक में जमीन अधिग्रहण करें जिससे सरकार पर भी वित्तीय बोझ न पड़े. आदेश के बाद इस दिशा में कार्रवाई करते हुये विभाग ने जिला प्रशासन को 15.82 एकड़ जमीन के अधिग्रहण से संबंधित अधियाचना भेजी है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना एक मार्च 2009 को हुई थी.

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कुल 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

इस योजना के लिये 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. इनमें 209 एकड़ रैयती जमीन है और शेष 361 एकड़ जमीन गैरमजरुआ है. ज्ञात हो कि जिला भू-अर्जन कार्यालय ने पहुंच पथ के लिये 40 करोड़ की मांग विभाग से की थी.

तीन गांव की जमीन ली गयी है

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिये तीन गांव की जमीन ली गयी है. जिन तीन गांव की जमीन है उनमें चेड़ी, मनातू व सुकूरहुट्टू के गांव शामिल है. मनातू में 79.31 एकड़, चेड़ी में 56.74 एकड़ और सुकुरहुट्टू में 3.12 एकड़ जमीन ली गयी है.

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विधानसभा में भी उठा था मामला

केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण का मामला भाजपा विधायक समरीलाल ने 23 मार्च 2021 को विधानसभा में उठाय़ा था. विपक्ष के विधायकों ने सवाल उठाते हुए कहा था कि जमीन अधिग्रहण हो गया है. लेकिन, रैयतों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है.विधानसभा में विधायक समरी लाल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर राज्य सरकार की ओर से चेरी मनातू में लगभग 501 एकड़ जमीन आवंटित की है. इस जमीन को सरकार ने अधिग्रहण किया है. लेकिन, जमीन के रैयतों को मुआवजा नही मिला है. उन्होंने यह भी कहा कि चारों तरफ बाउंड्री का काम किया जा रहा है, जिससे लोगों की खेती-किसानी खत्म हो गई हैं.

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