
Pakur : झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि पचुवाड़ा के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पचुवाड़ा में कोयले का अकूत भंडार है, यहां अरबों का कोयला है, एक-एक एकड़ जमीन में करीब 50 करोड़ का कोयला मौजूद है। लेकिन यहां के विस्थापितों को 4-5 लाख रुपये करके मुआवजा दिया जा रहा है। बाबूलाल मंगलवार को पाकुड़ में प्रेसवार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों की जमीन कैसे छीनी जाये, इसके लिए सरकार कानून बना रही है। 2014 में जबसे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब से भूमि अधिग्रहण बिल पर नजरें गड़ाये हुए हैं। जब राज्यसभा में बिल पास नहीं हो पाया, तो झारखंड में रघुवर सरकार आने पर यहां बिल पास करवा दिया।
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विस्थापितों को नाइट गार्ड या चपरासी की नहीं, बेहतर नौकरी दे कंपनी
बाबूलाल ने यह भी कहा कि कंपनी यहां से अरबों का कोयला निकालेगी। यहां के विस्थापितों, किसानों और स्थानीय लोगों को कंपनी नाइट गार्ड और चपरासी की नौकरी नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर नौकरी दे। कोयले की कीमत की आधी राशि यहां के लोगों में बांटे। सरकार इसपर कानून बनाये, तभी झारखंड के लोग स्वावलंबी होंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जनसंख्या 10 फीसदी घटी है। इसके लिए भी भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि आदिवासियों, किसानों और गरीबों के हित में नहीं सोचती है, तो पार्टी आंदोलन करेगी।
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पंचायत तक सबल होगी पार्टी
बाबूलाल ने कहा कि संथालपरगना की सभी पंचायतों में संगठन को मजबूत किया जायेगा। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गयी है। प्रेसवार्ता में जिला अध्यक्ष अमृत पांडेय, पूर्व विधायक मिस्त्री सोरेन, बाबूलाल मुर्मू आदि मौजूद थे।
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