
New Delhi: कृषि कानूनों की वापसी के दौरान संसद में 12 सदस्यों के निलंबन से गतिरोध बरकरार है. विपक्ष पिछले दो दिनों से सदन व सदन के बाहर निलंबन के मुद्दे का विरोध कर रहे हैं. ये कृषि कानूनों की वापसी पर चर्चा की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पक्ष व विपक्ष अपनी-अपनी बातों पर अड़ा है. जिससे सुलह का रास्ता नहीं दिख रहा है. कानूनी की वापसी के बाद भी किसान सड़क से हटने को तैयार नहीं है. सरकार एक कदम और आगे बढ़ाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून के लिए बनाई जाने वाली समिति के लिए पांच लोगों के नाम मांगे हैं लेकिन मोर्चा ने अभी नाम नहीं दिया है.
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माना जा रहा है कि मोर्चा चार दिसंबर को होने वाली बैठक में इन नामों के साथ ही आंदोलन को दिशा देने संबंधी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लेगा. हालांकि मोर्चा की बैठक आज दोपहर भी कुंडली बार्डर पर होने वाली है. इसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय होगी. माना जा रहा है कि नामों घोषणा चार दिसंबर को होने वाली बैठक के बाद ही की जाएगी. पंजाब के 32 संगठनों ने भी लगातार दूसरे दिन बैठक के बाद कहा कि वे अधूरी मांगों के साथ वापस नहीं जाएंगे.
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की घर वापसी की अफवाह फैलाई जा रही है. एमएसपी पर कानून और किसानों पर लगे मुकदमों की वापसी के बिना हम नहीं जाएंगे. आंदोलन में शामिल निहंग भी सभी संगतों से विमर्श करने के बाद ही वापसी का फैसला लेंगे.




