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ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर भारत सरकार गंभीर, विदेश यात्रा करने वालों के लिए आज से नये नियम

New Delhi : कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए केन्द्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत आने से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं. इसको लेकर संशोधित गाइडलाइन 1 दिसंबर से प्रभावी हो गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को संसद में जानकारी देते हुए कहा था कि हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि संदिग्ध मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक जोखिम श्रेणी में रखे गए देशों से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ सकता है. सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आरटी-पीसीआर की जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने तक हवाई अड्डों पर इंतजार करने के लिए तैयारी करने की सलाह दी गई है. ऐसे देशों से आने वाले लोग अगर टेस्ट में निगेटिव पाए जाते हैं तो भी उन्हें सात दिन के लिए होम क्वारंटीन रहना होगा जिसके बाद आठवें दिन उनके सैंपल की फिर से जांच की जाएगी. राज्य के अधिकारी ऐसे लोगों के घरों का दौरा करेंगे और उनके होम आइसोलेशन की दुरुस्त व्यवस्था का मुआयना करेंगे.

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“जोखिम वाले” देशों के यात्रियों को टेस्ट के नतीजे आने तक हवाई अड्डों पर प्रतीक्षा करने की तैयारी करने की सलाह दी गई है. फिलहाल भारत ने “जोखिम वाले” देशों की सूची में यूनाइटेड किंगडम, यूरोप के सभी 44 देश, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़रायल को शामिल किया है.

संक्रमित पाए जाने पर राज्यों को सभी सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए आईएनएसएसीओजी (इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जिनोमिक्स) प्रयोगशालाओं को तुरंत भेजने के लिए कहा गया है. साथ ही राज्यों को संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आये व्यक्तियों का पता लगाने के और 14 दिन बाद इसका फॉलो अप लेने के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि जोखिम वाले श्रेणी में रखे गए देशों से आने वाले यात्रियों को सात दिन के लिए अनिवार्य तौर पर क्वारंटाइन में रखना पड़ेगा. उन्हें इस दौरान दूसरे, चौथे और सातवें दिन आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराना पड़ेगा.

अभी तक यूरोप के सभी यात्री, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजरायल से आने वाले यात्रियों का एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर टेस्ट कराना जरूरी होगा. अन्य देशों के यात्रियों से भी 5 फीसदी का रैंडम आधार पर टेस्ट कराया जाएगा.

इन सभी देशों के यात्रियों को हवाई अड्डे पर लंबा इंतजार करना पड़ना सकता है. अभी तक यह तय नहीं है कि टेस्टिंग के कितने काउंटर बनाए जाएंगे. वीडियो में आज दिखाया गया कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कैसी तैयारियां हो रही हैं. हवाई अड्डे पर आगमन के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कुर्सियों की लंबी कतार बनाई गई है.

गौरतलब है कि ओमिक्रॉन वायरस के खतरे को भांपते हुए सरकार ने विदेश यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग और टेस्टिंग के नियम कड़े कर दिए हैं. स्ट्रेन के बारे में अभी ज्यादा कुछ सामने नहीं आया है. भारत में अभी इसका कोई केस नहीं मिला है. हालांकि ब्रिटेन,बेल्जियम, समेत तमाम देशों में इससे संक्रमित मरीज मिल चुके हैं.

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Nayika

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