Jamshedpur

पोटका की नाबालिग को दुर्गापुर से शहर लेकर पहुंची पुलिस टीम, चाइल्ड केयर के जिम्मे सौंपा

प्रेमी ने शादी का झांसा देकर 35 दिनों तक हवस का शिकार बनाकर घर से निकाला, तो एक कार चालक ने किया अगवा, दुर्गापुर पुलिस ने किया था बरामद

Jamshedpur :  पोटका थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग लड़की का अपहरण करके उसका प्रेमी ने 35 दिनों तक उसे घर में रखा और उसके साथ यौन शोषण करके बाद में घर से भगा दिया था. इसके बाद नाबालिग को दुर्गापुर से बरामद किया गया था. इसके बाद 31 अक्तूबर को जब परिवार के लोग दुर्गापुर पहुंचे थे, तब चाईल्ड लाइन की ओर से देने से इनकार कर दिया गया. अंततः 24 दिनों के बाद आसनसोल चाइल्ड लाइन की ओर से जमशेदपुर के चाइल्ड केयर को सौंपा गया है. इसके बाद सीडब्ल्यूसी की ओर से नाबालिग का बयान भी लिया गया.

कदमा में मामा के यहां रहती थी नाबालिग

नाबालिग के बारे में उसके चाचा ने बताया कि वह कदमा स्थित अपने मामा के यहां रह रही थी. 20 सितंबर को पोटका जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह घर पर नहीं पहुंची. इसके बाद परिवार के लोग परेशान हो गए.

मामा के घर से ही अपने साथ ले गया था प्रेमी

20 सितंबर को ही कालिकापुर का रहने वाला प्रेमी खितिश भगत उसे मामा के घर से ही अपहरण करके अपने घर लेकर गया था. इसकी जानकारी मिलने पर लड़की के परिजन भी आरोपी के घर पर पहुंचे थे, लेकिन शादी करने की बात कहकर नाबालिग को नहीं जाने दिया था.

27 अक्तूबर को घर से भगाया

चाचा का कहना है कि प्रेमी ने उसे 27 अक्तूबर को घर से भगा दिया था. इसके बाद 28 अक्तूबर को उसने फोन करके घटना के बारे में परिवार के लोगों को बताई थी.

कार में बैठाकर कोई ले गया था दुर्गापुर

नाबालिग ने परिजनों को बताया कि प्रेमी ने जब उसे घर से भगा दिया था, तब किसी और व्यक्ति ने उसे कार  में बैठाकर दुर्गापुर लेकर चला गया था. इस बीच उसके साथ क्या हुआ उसे कुछ पता नहीं है. वह बेहोश हो गई थी.

दुर्गापुर पुलिस ने 28 अक्तूबर को किया था बरामद

दुर्गापुर पुलिस ने नाबालिग को बरामद करने के बाद 28 अक्तूबर को परिजनों को फोन करके घटना की जानकारी दी. इस बीच रेलवे चाईल्ड लाइन में नाबालिग को रखवा दिया गया था.

ग्रामीण एसपी कर रहे थे मामले की जांच

एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन से नाबालिग के चाचा मिले और न्याय की गुहार लगाई थी. उसके बाद पूरी बातों को सुनने के बाद मामले की जांच का जिम्मा ग्रामीण एसपी नाथू सिंह मीणा को सौंपा गया था. इसके बाद पुलिस टीम दुर्गापुर पहुंची और विभागीय प्रक्रियाओं को 24 दिनों में पूरा करके बुधवार को जमशेदपुर लेकर आ गई.

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