
Jamshedpur : जमशेदपुर में संत शिरोमणि नामदेव जी का 752 वां प्रकाश दिवस बड़े ही श्रद्धा, उल्लास एवं परंपरा के साथ गुरुद्वारा ह्यूम पाइप में मनाया गया. रविवार की सुबह अखंड पाठ की समाप्ति के उपरांत स्त्री सत्संग सभा बीबी जसवीर कौर एवं अन्य ने संत नामदेव जी की शब्दों का गायन किया. साकची गुरद्वारा साहिब के हजूरी रागी भाई गुरप्रीत सिंह के जत्थे ने, मैं अंधले की टेक तेरा नाम खुंदकारा, रंगीले जिह्वा हरि के, जऊ जऊ नामा हरि गुण उचरे भगत जना कऊ देहुरा फिरे, आदि शबद का गायन किया.
गुरुद्वारा ह्यूम पाइप के हजूरी ग्रंथी साहिब ने संत नामदेव जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा. उन्होंने मूर्ति पूजा, कर्मकांड और जात-पात से दूर मानवता का संदेश दिया और अपनी सरल वाणी के माध्यम से लोगों को प्रभु से जोड़ने का रास्ता भी दिखाया. बचपन में ही उन्होंने भगवान विट्ठल को अपनी सरलता और सहजता से दूध पिलाया और परमेश्वर पिता ने कई बार उन्हें दर्शन दिए तथा उनके माध्यम से आलौकिक कार्य भी किये. बादशाह मोहम्मद बिन तुगलक को भी शर्मिंदा होकर उनके चरणों में झुकना पड़ा था. प्रधान दलबीर सिंह के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब में संत नामदेव जी के 61 पद तीन श्लोक 18 राग में दर्ज हैं.
शबद गायन के बाद समस्त मानव जाति की भलाई के लिए अरदास एवं लंगर का आयोजन हुआ. इसके आयोजन में प्रधान दलबीर सिंह, महासचिव गुरनाम सिंह, सचिव मनजीत सिंह, कैशियर सर्वजीत सिंह, बलविंदर सिंह बंटी, सतनाम सिंह सत्य, कुलविंदर सिंह बॉबी, हरप्रीत सिंह, रेखराज आदि की सराहनीय भूमिका रही. प्रधान दलबीर सिंह ने टांकक्षत्रिय सिख बिरादरी की ओर स्वर्गीय चरणजीत कौर के पोते प्रभजोत सिंह को सेवा के निमित्त सिरोपा देकर सम्मानित किया.
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