
Jamshedpur : एमजीएम अस्पताल की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है. शुक्रवार को चाकू लगने से घायल एक ट्रक खलासी बी स्वामी को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती किया गया था. वह शनिवार को अस्पताल से फरार पाया गया. यहां तक कि उसकी देखरेख के लिए होमगार्ड के जवान भी तैनात थे. बावजूद इसके सुरक्षाकर्मियों को उसके फरार होने की भनक तक नहीं.
बी स्वामी आंध्र प्रदेश केला नगर ट्रक के साथ जमशेदपुर आया था. साकची मंडी मे गाड़ी अनलोड करने के बाद पेमेंट को लेकर उसका ट्रक के ड्राइवर के साथ विवाद हो गया था. उसी बीच ड्राइवर ने उसके गले पर चाकू से वार कर घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया. उसके बाद घायल स्वामी किसी तरह एमजीएम अस्पताल पहुंचा, लेकिन हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं होने के कारण उसे अस्पताल में एडमिट नहीं लिया जा रहा था. इसकी जानकारी साकची थाना को मिलने पर पुलिस के प्रयास से उसे सर्जिकल वार्ड में दूसरे मरीजों से अलग 91 नंबर बेड पर भर्ती किया गया था. साथ ही होमगार्ड के जवान को भी उसकी निगरानी के लिए तैनात किया गया और ड्यूटी में मौजूद नर्सों से भी उसके बेहतर इलाज की बात कही गई थी. पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जब शनिवार को उस मरीज की जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो जिस बेड में उसे एडमिट किया गया था वहां रूम बंद था. पूछने पर ड्यूटी पर मौजूद नर्स और होमगार्ड जवानों ने कहा कि वह कहीं चला गया है. उन्होंने इस संबंध में किसी तरह के जनकारी होने से इंकार किया. इस मामले में होमगार्ड जवान के रात्रि पाली के इंचार्ज जसबीर सिंह ने बताया कि रात्रि में दो जवान सतीश चंद्र महतो और संदीप उसकी निगरानी में सुबह छह बजे तक थे. उनके ड्यूटी में रहना तक मरीज बेड पर मौजूद था. उसके बाद वह कैसे गायब हुआ इसकी जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है.




