
Ranchi: तकरीबन 20 माह से राज्य सूचना आयोग में सन्नाटा पसरा है. मुख्य सूचना आयुक्त सहित आयुक्तों की नियुक्ति का मसला अटका ही पड़ा है. आयोग के निष्क्रिय रहने से सरकारी विभागों में आवेदकों को सूचना मुहैया कराये जाने में सुस्ती दिखाई जा रही है. सूचना के लिए जन सूचना पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने को प्रथम अपीलीय अधिकारी की अहम भूमिका होती है पर वे भी उदासीन दिख रहे हैं.
गिरिडीह के आरटीआई एक्टिविस्ट सुनील खंडेलवाल ने मुख्य सचिव को इस संबंध में जुलाई के आखिरी सप्ताह में पत्र लिखा. इसका असर हुआ है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार विभाग ने सभी डीसी को लेटर भेजा है. प्रथम अपीलीय अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित किये जाने को कहा है.
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30 दिनों में सूचना दिलाने का दायित्व
कार्मिक विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19 (1) के तहत प्रथम अपील के ससमय निष्पादन नहीं होने की शिकायत आ रही है. विभाग को इस संबंध में आवेदन मिले हैं. खासकर जिले स्तर पर प्रथम अपीलीय अधिकारियों के रवैये को लेकर अधिक शिकायत है. ऐसे में अपीलीय अधिकारी से उम्मीद की जाती है कि वह अपने दायित्वों के निर्वाहन में गंभीरता दिखाये. अपील का निष्पादन अपील प्राप्त होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर कर दें. विशेष मामले में 45 दिनों के भीतर यह कर लिया जाए. सभी जिलों के डीसी से उम्मीद की जाती है कि विभाग तथा विभाग के अधीनस्थ कार्यालयों में आरटीआई की धारा 19(1) के तहत प्राप्त प्रथम अपील पर समय सीमा के अंदर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें.
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