
Ranchi : राज्य में अब किडनी के मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं होगा. राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल में डायलिसिस के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही है. जिसके तहत किडनी मरीजों के लिए 20 डायलिसिस मशीनें लगाई जा रही है. ऐसे में डायलिसिस के लिए अब मरीजों को एक ही छत्त के नीचे सारी सुविधाएं मिल जाएगी. इतना ही नहीं इस काम के लिए उन्हें ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने होंगे. जिससे कि उनकी जेब पर भी बोझ नहीं पड़ेगा.
इसे भी पढ़ें : RANCHI NEWS : लंबे समय बाद Black Fungus से एक की मौत, रिम्स में आया एक कोरोना पॉजिटिव
आधे से कम खर्च में होगा डायलिसिस
प्राइवेट सेंटरों में डायलिसिस के लिए 2500 से लेकर 4 हजार रुपए तक चार्ज प्रति डायलिसिस के लिए चुकाने होते हैं. ऐसे में रिम्स में मरीजों का डायलिसिस सरकारी दर पर किया जाएगा. जिससे कि मरीजों को आधे से भी कम खर्च में डायलिसिस हो जाएगी. वहीं ज्यादा मशीनों के लग जाने से डायलिसिस के लिए लंबा इंतजार भी नहीं करना होगा. बताते चलें कि सदर हॉस्पिटल में सरकारी दर पर मरीजों की डायलिसिस 1206 रुपए में की जाती है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि रिम्स में भी डायलिसिस का चार्ज इसी के आसपास होगा.
100 मरीज हमेशा रहते है एडमिट
किडनी के गंभीर मरीजों को हफ्ते में तीन दिन तक डायलिसिस की सलाह दी जाती है. वहीं नार्मल मरीजों को भी हफ्ते में एक से दो सेशन के लिए डॉक्टर सलाह देते है. ऐसे में रिम्स में डायलिसिस के मरीजों के लिए चार बेड उपलब्ध है. वहीं ट्रामा सेंटर में भी तत्काल मरीजों का डायलिसिस करने के लिए कुछ बेड लगाए गए है. जिससे कि मरीजों को हमेशा इंतजार करना पड़ता है. इसका एक और कारण है कि केवल रिम्स में ही डायलिसिस कराने वाले 100 के लगभग मरीज एडमिट रहते है. वहीं 500 मरीज डायलिसिस के लिए हर महीने आते है. जहां मरीजों की स्थिति को देखते हुए उनका पहले डायलिसिस किया जाता है.
झारखंड में एक लाख से ज्यादा मरीज
झारखंड में किडनी के मरीजों की संख्या एक लाख से ज्यादा है. झारखंड में इलाज के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण मरीजों को झारखंड से बाहर जाना पड़ता है. वहीं आर्थिक रुप से सक्षम लोग झारखंड में भी इलाज कराते है. इसके लिए लाखों रुपए भी खर्च करने पड़ते है. ऐसे में रिम्स में जब सुविदाएं बढ़ेगी तो मरीजों को कही और जाने की जरूरत नहीं होगी.
इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि जल्द ही 20 डायलिसिस मशीनें इंस्टाल कर दी जाएगी. इसके बाद मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा. वहीं किडनी के मरीजों को इलाज के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी. नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट भी अपग्रेड किया जा रहा है.
इसे भी पढ़ें : रामगढ़ में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलेश नारायण शर्मा की हत्या, पत्नी रिम्स रेफर




