
- सखी मंडल की ग्रेडिंग कर क्षमतावर्धन करें: डॉ मनीष रंजन
- सखी मंडलों की 32 लाख महिलाओं को सशक्त आजीविका से जोड़ना प्राथमिकता: नैन्सी सहाय
- बोकारो जिला को बेस्ट प्रैक्टिस के लिए प्रतिभा सम्मान
Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ मनीष रंजन ने राज्य के सभी सखी मंडलों की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए उनकी ग्रेडिंग पर फोकस करने का निर्देश जेएसएलपीएस के अधिकारियों को दिया. इसके लिए क्षमतावर्धन पर जोर देने को कहा. उन्होंने सामुदायिक आमदनी सुनिश्चित कराने के साथ-साथ डिजिटल लेने-देन को बढ़ावा देने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
डॉ मनीष रंजन ने ये बातें प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित झारखंड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोश्न सोसाइटी की सीइओ नैंसी सहाय की अध्यक्षता में आयोजित योजना एवं रणनीति विकास कार्यशाला में कहीं.
इस अवसर पर विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन, प्राथमिकताओं, चुनौतियतों, रणनीति एवं भविष्य की योजना पर विस्तार से चर्चा की गयी. इस अवसर पर जेएसएलपीएस एवं प्रेझा फाउंडेशन के बीच ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास से जोड़ कर सीधे रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया.
इसे भी पढ़ें:सुकुरहुटु में 113.24 करोड़ की लागत से बनेगा ट्रांसपोर्ट नगर, नगर विकास विभाग ने दी स्वीकृति
जेएसएलपीएस की सीईओ नैन्सी सहाय एवं प्रेझा फाउंडेशन के तरुण शुक्ला ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया. सखी मंडल के सहयोग से प्रेझा फाउंडेशन द्वारा जेएसएलपीएस के परियोजना क्षेत्र से हर साल 2000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जायेगा.
इस पहल के जरिए ग्रामीण युवाओं को प्रेरित कर कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए संकुल स्तरीय संगठन को प्रति छात्र रू. 1000 की राशि भी दी जायेगी.
इस पहल से सुदूर गांव के जरुरतमंद युवाओं को सखी मंडल के जरिए कौशल प्रशिक्षण के लिए जागरुक कर प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया जा सकेगा. सचिव ने बताया कि विश्व बैंक की टीम ने जोहार प्रोजेक्ट को सफलतम परियोजनाओं में स्थान दिया है जो गर्व की बात है और जेएसएलपीएस की यह उपलब्धि सराहनीय है.
इसे भी पढ़ें:पूर्व मंत्री जेपी पटेल बनाये गये भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष
बीमा योजना में भी देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन है. जेएसएलपीएस के सीओओ बिष्णु परिदा एवं परियोजना निदेशक जोहार ने प्रस्तुति के जरिए प्रगति एवं रणनीति पर जानकारी दी.
इस अवसर पर जेएसएलपीएस में बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मियों को भी सम्मानित किया गया. राज्य स्तर के 16 कर्मियों एवं जिला व प्रखण्ड स्तर के 72 कर्मिर्यों को सीईओ जेएसएलपीएस ने सम्मानित किया.
सखी मंडलों की 32 लाख महिलाओं को सशक्त आजीविका से जोड़ना प्राथमिकता: नैन्सी सहाय
इस अवसर पर जेएसएलपीएस की सीइओ नैंसी सहाय ने सभी डीपीएम को निर्देश देते हुए कहा कि सुदूर गांव के आखिरी परिवार तक को आजीविका की गतिविधियों से जोड़ने के कार्य में तेजी लाने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सखी मंडल से जुड़े हर महिला को आजीविका के दो या दो से अधिक साधनों से जोड़कर उनकी आमदनी में बढ़ोतरी किया जाना सुनिश्चित करना है.
नैन्सी सहाय ने कहा कि आज की कार्यशाला में राज्य स्तरीय टीम जिला के साथ ग्रुप कार्य के जरिए अगले 6 महीने की योजना एवं रणनीति तैयार करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोसाईटी में विभिन्न स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जल्द विज्ञापन आयेगा.
उन्होंने कहा कि राज्य में एनआरएलएम, फूलो झानो आशीर्वाद अभियान, टपक सिंचाई परियोजना एवं जोहार समेत अन्य परियोजनाओं के जरिए राज्य के ग्रामीण परिवारों को सशक्त एवं सक्षम बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रभावी तरीके से कार्य किया जा रहा है.
इसे भी पढ़ें:थोक शराब बिक्री मामले की सुनवाई आज भी नही हो पाई पूरी, अगली सुनवाई 3 नवम्बर को
बोकारो जिला को मिला प्रतिभा अवार्ड
जेएसएलपीएस में समुदाय के विकास के लिए अभिनव प्रयास करनेवालों को प्रतिभा सम्मान से नवाजा जाता है. जेएसएलपीएस बोकारो जिला को प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया. वित्तीय लेन-देन ससमय डिजिटल तरीके से सुनिश्चित करने के लिए बोकारो को यह सम्मान दिया गया.
सांत्वना पुरस्कार के रुप में खूंटी को रेशम पालन, गिरीडिह को काले गेहूं का आटा के प्रोत्साहन के लिए, पाकुड़ को दाल मिल, गढ़वा को पीवीटीजी पाठशाला, रामगढ़ को बैकयार्ड पोल्ट्री एवं पलामू को लाह के लिए दिया गया.
इसे भी पढ़ें: झारखंड से लखीमपुर खीरी कूच कर रहे कांग्रेसी




