
Ranchi : राज्य में थोक शराब बिक्री मामले को लेकर झारखंड सरकार की ओर से बनाई गयी नयी नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर समय कम होने की वजह से आज भी सुनवाई पूरी नहीं हो पाई. ऐसे में अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 नवम्बर की तारीख निर्धारित की है.
बता दें पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पक्ष रखने वाले एडवोकेट प्रशांत पल्लव का बहस रहा अधूरा गया था, इसके कारण मामले की सुनवाई पूरी नहीं पाई थी.
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एडवोकेट जेनरल राजीव रंजन, एडवोकेट सुमीत गाड़ौदिया और एडवोकेट प्रशांत पल्लव ने पक्ष रखा. इस दौरान एडवोकेट जेनरल राजीव रंजन, एडवोकेट सुमीत गाड़ौदिया की बहस किया था.
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आपको बता दें कि 7 सितम्बर को हुए सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई जल्द से जल्द पूरा करने का भी आदेश दिया है. अगर 14 सितंबर को सुनवाई पूरी नहीं होती है तो इसे डे-टू-डे हियरिंग करके मामले का फैसला सुनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नही हुआ.
14 सितम्बर को चीफ जस्टिस की तबियत खराब होने के कारण, 21 सितम्बर को एडवोकेट प्रशांत पल्लव का बहस रहा अधूरा गया, 29 सितम्बर को दोपहर बाद कोर्ट नहीं बैठा और आज समय कम होने की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो पाई और आज बहस अधूरा रह गया.
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अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा था जवाब
पिछली सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत को बताया कि झारखंड उत्पाद अधिनियम-1915 की धारा 20-22 और 38 के अनुसार लाइसेंस निर्गत करने के लिए सक्षम पदाधिकारी कलेक्टर होते हैं.नयी नियमावली में उक्त अधिकार उत्पाद आयुक्त को दे दिया गया है.
अधिनियम की धारा-90 के अनुसार लाइसेंस निर्गत करने के लिए शर्तों का निर्धारण अथवा नियम बनाने का अधिकार बोर्ड ऑफ रेवेन्यू को दिया गया है, लेकिन सरकार ने ही सभी नियम बना दिए हैं.ऐसे में नयी नियमावली अवैध एवं गैरकानूनी है.
अजीत कुमार ने कहा कि इसको लेकर राज्य सरकार ने 9 जून 2021 को गजट प्रकाशन किया था. इसमें विभाग ने नयी नियमावली लागू करने की तिथि 8 अगस्त 2021 तय की थी. लेकिन नई नियमावली लागू होने से पूर्व ही 11 जून 2021 को शराब के थोक व्यवसाय के लिए लाइसेंस जारी करने का विज्ञापन जारी कर दिया गया.
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जब यह मामला कोर्ट में उठाया गया तो विभाग ने 24 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर 9 जून से ही नयी नियमावली के लागू होने की बात कही. इसलिए उक्त नियमावली पर रोक लगाई जाये. इस पर अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने नोटिस को प्राप्त किया था. बता दें कि राज्य सरकार ने झारखंड मदिरा भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली-2021 बनायी है.
झारखंड रिटेल लिकर वेंडर एसोसिएशन के अध्यक्ष अचिंत्य साव ने इसे गैरकानूनी घोषित करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.
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