
Jamshedpur : भाजपा धनबाद जिला संगठन प्रभारी नेता अभय सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि शहर के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता आपदा प्रबंधन समिति के भी मंत्री हैं, लेकिन आज वे झारखंड के लिए आफत मंत्री बन गए हैं. झारखंड सरकार की ओर से दुर्गापूजा पर भोग बनाने और वितरण करने पर रोक लगाकर अपने तानाशाह रवैये को सामने ला रही है. फिलहाल राज्यभर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, शराब की दुकानें आदि को खोल दिया गया और इसमें बैठाकर खिलाने की भी अनुमति सरकार की ओर से दे दी गयी है.
हिंदुओं की भावना को ठेस पहुंचाने की कोशिश
अभय सिंह का कहना है कि झारखंड सरकार हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है. पिछले साल की तुलना में कोरोना में कमी आई है और सबकुछ खुला हुआ है. सरकार जानबूझकर हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रही है. पिछले वर्ष भी भोग बनाकर बांटने का काम पूजा समितियों की ओर से किया गया था. सरकार को समिति के लोग मदद करना चाहते हैं, लेकिन सरकार मदद करना नहीं चाहती है. जब रेस्टोरेंट्स से बनकर भोजन दूसरे घरों में जा सकता है तो पूजा समितियां अपने यहां भोग बनाकर अपने भक्तों के घर-घर क्यों नहीं पहुंचा सकती हैं. सरकार इसका कारण बताये? सिंह ने कहा कि यह सरकार हिंदू विरोधी न बने. जब से हेमंत सरकार बनी है, हिंदू विरोध में जुटी है. पिछले दिनों स्वयं आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा था कि तीसरी लहर की संभावना के कारण जुबली पार्क गेट नहीं खोला जा रहा है. अब तो गेट खुल गया है. इसका सीधा अर्थ यह है कि अभी तीसरी लहर आने ने की संभावना बिल्कुल खत्म हो चुकी है. झारखंड की आबादी सवा तीन करोड़ है. जबकि बगल में बंगाल है, जिसकी आबादी 11 करोड़ है. बंगाल में भोग बनाने और बांटने पर कोई रोक नहीं है तब यहां आखिर रोक क्यों है?
महाराष्ट्र की आबादी 14 करोड़, लेकिन वहां भी प्रसाद बांटने पर कोई रोक नहीं
अभय ने कहा कि सरकार को इन राज्यों से गाइड-लाइन मंगाकर इसपर अध्ययन कर निर्णय लेना चाहिए. इस काले कानून के विरोध में 3 अक्तूबर को दुर्गा पूजा समितियों से संपर्क स्थापित कर बड़ा निर्णय कर इस हिंदू विरोधी निर्णय का आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे.




