
Chandigarh: नये कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सुर बदल गये हैं. अब तक आंदोलन का समर्थन करते आ रहे कैप्टन ने किसानों से अपील की है कि यदि उन्हें आंदोलन ही करना है तो पंजाब की बजाय दिल्ली और हरियाणा में जायें.
पंजाब के होशियारपुर जिले के मुखलियाना गांव में एक सरकारी कॉलेज की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आज भी किसान राज्य में 113 जगहों पर विरोध कर रहे हैं. उनका यह विरोध हमारे विकास को प्रभावित कर रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पंजाब के किसानों को बताना चाहता हूं कि यह उनकी जमीन है. यहां उनका चल रहा विरोध प्रदर्शन राज्य हित में नहीं है. राज्य में विरोध प्रदर्शन करने के बजाय किसानों को केंद्र पर कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए दबाव बनाना चाहिए.
इसके साथ ही नए कृषि कानूनों को लेकर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल पर हमला बोला. कैप्टन ने कहा कि बादल परिवार अब इनके खिलाफ बात कर रहा है, लेकिन जब बिलों को तैयार किया जा रहा था तो उसमें शिरोमणि अकाली दल की भी सहमति थी.
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