
Ranchi: पथ निर्माण विभाग ने नेशनल हाइवे 133 ए ( पाकुड़-बड़हरवा ) सड़क की धीमी गति पर नाराजगी जतायी है. विभाग के अभियंता प्रमुख मुरारी भगत ने इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के काम को धीमी गति से करने पर संवेदक पर एकरारनामा के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है. हलांकि,इस सड़क निर्माण डीबीएम (Dense Bituminous Macadam सघन बिटुमिनस मैकडैम ) का काम पूरा कर लिया गया है. इसका प्रयोग भारी वाणिज्यक वाहनों के चलने के लिए होता है. सड़क मजबूत बनती है. लेकिन अभी तक शेष कार्य नहीं हुआ है. नेशनल हाइवे के चीफ इंजीनियर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क का काम 17 फीसदी तक ही पूर्ण हुआ है. जबकि कार्य समाप्ति की अवधि 16 फरवरी 2022 है. अभियंता प्रमुख ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संवेदक ने विभाग के द्वारा दिए गये सेकेंड माइलस्टोन को अचीव नहीं किया है. इसके कारण कॉन्ट्रैक्टर पर वर्क कांट्रेक्ट के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाये.
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बंगाल को जोड़ती है सड़क
बता दें कि पाकुड़-बड़हरवा सड़क नेशनल हाइवे 33 के जंक्शन से जुड़ती है वहीं नेशनल हाइवे 12 के निमतल्ला होते हुए पश्चिम बंगाल तक चली जाती है. ऐसे में यह सड़क झारखंड को बंगाल से सीधे जोड़ने वाली है. तीन साल पहले ही इस सड़क को पथ निर्माण से हस्तांतरित करते हुए नेशनल हाइवे को दिया गया था. जिसके बाद एनएच विंग ने इस सड़क निर्माण का काम भारत सरकार की स्वीकृति के बाद कराना प्रारंभ किया है.
आलमगीर आलम ने की सड़क बनाने की मांग
झारखंड के वर्तमान ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने भी इस सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार मांग रखी थी. काफी जर्जर सड़क होने के कारण इसके त्वरित निर्माण कराने की मांग की थी. विधानसभा में भी यह मसला उठा था,इसके बाद एनएच विंग ने इसके निर्माण का काम प्रारंभ कराया है पर इसकी प्रगति काफी धीमी है. ऐसे में तय समय में इसका निर्माण कार्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है.




