
New Delhi : संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों का हंगामा लगातार चल रहा है. राजनेताओं और पत्रकारों की कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जासूसी को लेकर चल रहे विवाद को लेकर भी गुरुवार को संसद में हंगामा हुआ. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार को पेगासस परियोजना पर एक बयान पढ़ रहे थे. इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने मंत्री के हाथ से रिपोर्ट छीन ली और उसे फाड़कर फर्श पर फेंक दिया.
टीएमसी के सांसद कुछ भी कर सकते हैं
बीजेपी सांसद महेश पोद्दार ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि टीएमसी तो प. बंगाल में विपक्षियों की हत्या और महिलाओं से दुर्व्यवहार तक करती है, इसलिए उसके सांसद कुछ भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘आज उन्होंने पेपर छीनकर फाड़ दिए, कोई आश्चर्य नहीं कि वो कल कपड़े फाड़ दें.’
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स्वपन दासगुप्ता बोले ये अस्वीकार्य है
पत्रकार से भाजपा सांसद बने स्वपन दासगुप्ता ने कहा, टीएमसी के कुछ सांसदों ने मंत्री के हाथ से पेपर लिया और फाड़ दिया. उन्होंने कहा, यह अस्वीकार्य है.
तृणमूल सांसद शांतनु सेन को राष्ट्रीय टेलीविजन पर मंत्री के हाथ से रिपोर्ट छीनते, फाड़ते और फिर कटे हुए टुकड़ों को हवा में फेंकते देखा गया. लगातार हंगामे के बीच उच्च सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.
उन्होंने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन चर्चा के बजाय हमें सदन के अंदर इस तरह का हो-हंगामा देखने को मिला. यह नियमों के बिल्कुल खिलाफ है और मुझे लगता है कि इसकी भरपूर भर्त्सना होनी चाहिए.
वहीं, एक और हालांकि, सदन के बाहर टीएमसी सांसद शुभेंदु शेखर रॉय ने मीडिया के सवालों पर कुछ भी जवाब नहीं दिया.
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