
Ranchi : झारखंड सरकार हर साल दूसरे राज्य से करोड़ों रुपये के पौधे खरीदती है. ग्रामीण विकास विभाग ने इसी कमी को ध्यान में रखते हुई दीदी बगिया (Didi Garden) की सोच को धरातल पर उतारने का निर्णय लिया है.
झारखंड में दीदी बगिया (Didi Garden) की शुरुआत बहुत जल्द होने वाली है. राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने पहले चरण में सूबे के सभी प्रखंडों में दो-दो दीदी बगिया तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस दीदी बगिया से राज्य के करीब 400 स्वयं सहायता समूह को जोड़ने की योजना है.
इसका उद्देश्य मनरेगा (MNREGA) के तहत महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ झारखंड के अंदर ऐसे नर्सरी को तैयार करना है, जहां फलदार से लेकर इमारती पौधे मौजूद होंगे.
झारखंड में अब आम से लेकर अमरूद और सागवान से लेकर शीशम तक के पौधे दीदी के बगिया में तैयार होंगे. जी हां, वही दीदी जो इससे पहले दीदी बाड़ी और दीदी किचन का सफल संचालन कर चुकीं हैं.
राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने दीदियों की सफलता को ध्यान में रखते हुए एक नई योजना तैयार की है. इस योजना का नाम दीदी बगिया रखा गया है. एक ऐसी बगिया जहां तरह-तरह के पौधे तैयार किये जायेंगे. मनरेगा आयुक्त वरुण रंजन ने कहा कि झारखंड के सभी प्रखंड में दो-दो दीदी बगिया शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. राज्य के करीब 400 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मनरेगा के तहत रोजगार मुहैया कराते हुए नर्सरी तैयार की जाएगी. पहले चरण में इमारती पौधों को लगाने और उसके बाद फलदार पौधों को लगाने की योजना है.




