
Giridih: जिले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कोरोना से लोगों की मौत भी हो रही है. वहीं जिले में पिछले चार दिनों के आंकड़े पर गौर करें तो अब तक 90 से अधिक मरीज कोरोना को मात देकर वापस लौटें हैं.
ऐसे में जिले के लोग अगर कोरोना नियमों का लगातार पालन करेंगे तो कोरोना के आंकड़ों में कमी आयेगी. कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर जिला प्रशासन भी सतर्क है.
मंगलवार को डीएसपी संजय राणा और नगर थाना के पुलिस पदाधिकारियों ने पूरे शहर का मुआयना किया. और वैसे हर दुकानों को बंद कराया, जिसे खोलने की अनुमति नहीं थी. पुलिस ने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की.
जिले में ऑक्सीजन सिलेंडरों की बढ़ते किल्लत को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मॉनिटरिंग तेज कर दी है. मंगलवार को डीसी राहुल सिन्हा ने मारवाड़ी युवा मंच के सहयोग से जरुरतमंदो को उपलब्ध कराएं जा रहे ऑक्सीजन सिलेंडर की गतिविधियों को देखा, और संतुष्टि जाहिर की.
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जबकि यही व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह से नाकाम नजर आ रही है. सबसे अधिक परेशानी सदर अस्पताल में है, जहां ऑक्सीजन सिलेंडर की भारी कमी है. इधर पिछले 24 घंटे के भीतर कोरोना से तीन मौत की सूचना है.
कोरोना संक्रमण से होने वाले मौत के अंतिम संस्कार में परिजनों का सहयोग बरमसिया के तीन युवक रॉकी नवल, मिथुन चन्द्रवंशी और रामजी यादव द्वारा किया जा रहा है.
तीनों युवक जान जोखिम डालकर हर रोज संक्रमण से हो रहे मौत के बाद शव के अंतिम संस्कार कर रहे हैं. अब तक तीनों युवकों द्वारा आठ से अधिक शवों का अंतिम संस्कार में योगदान दे चुके हैं.
मंगलवार को ही शहर में दो मौत तो गिरिडीह के चाटेर्ड एकांउटेड विनोद जालान की मौत दुर्गापुर में इलाज के हो गयी. जबकि शहर के अरगाघाट के एक किराना दुकानदार की मौत भी कोरोना के संक्रमण से होने की बात कही जा रही है.
हालांकि अरगाघाट के किराना दुकानदार के संक्रमण होने की कोई रिकार्ड स्वास्थ विभाग के पास नहीं था. इसी प्रकार शहर के बोड़ो के एक व्यक्ति की मौत भी शहर के नर्सिंग होम में इलाज के दौरान कोरोना से हो गयी.
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