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कोरोना आफत में HIMMAT Mobile App से राहत

Ranchi: कोरोना आफत के बीच चुनौतियां बढ़ी हैं. अस्पताल में बेड संकट, कोरोना जांच जैसी तमाम परेशानियां सामने आ रही हैं. जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, वे होम आइसोलेशन में रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं. कई बार होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों की निगरानी, उचित उपचार और परामर्श उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में धनबाद जिला प्रशासन ने उनके लिये हिम्मत एप्प विकसित की है. इसके जरिये होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के स्वास्थ्य की ऑनलाइन निगरानी प्रशासन कर सकेगा. आपात परिस्थिति में मरीज एप के माध्यम से SOS का प्रयोग करेंगे. साथ ही आइसोलेशन वाले मरीजों को हेल्थ कीट उपलब्ध कराया जायेगा.

क्या है एप्प की खूबी

डीसी उमा शंकर सिंह ने हिम्मत मोबाइल एप को लॉन्च करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया है. उनके मुताबिक होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों को हिम्मत एप के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवा उपलब्ध करायी जा सकेगी. होम आइसोलेशन में रहने वालों के अलावा सभी संक्रमित मरीजों और जिला अंतर्गत स्थित सभी कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिये भी इस टेलीमेडिसिन सेवा को शुरू किया गया है.

डीएमएफटी पीएमयू तथा डीसीआईपी इंटर्न द्वारा हिम्मत एप विकसित किया गया है. इसके माध्यम से संक्रमित मरीज लॉग इन कर विशेषज्ञ चिकित्सकों से किसी भी वक्त 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं. परामर्श प्राप्त कर सकते हैं. होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों से जूम कॉल या गूगल मीट के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक टेलीमेडिसिन स्टूडियो से जुड़ेंगे. उन्हें जरूरी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जायेगा. किसी भी आपात परिस्थिति में मरीज इस मोबाइल ऐप के माध्यम से एसओएस का प्रयोग कर टेलीमेडिसिन स्टूडियो में अलर्ट भेजेंगे. इससे उन्हें जल्दी से जल्दी सहायता प्रदान की जा सकेगी. साथ ही चिकित्सकों द्वारा दिए गए परामर्श का प्रिस्क्रिप्शन भी इस पोर्टल पर मरीजों के अवलोकन हेतु अपलोड किया जाएगा. इस संबंध में टेलीमेडिसिन स्टूडियो में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं.

मरीजों को हेल्थ कीट

होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों को पोर्टल के माध्यम से लॉग इन कर अपना पूरा पता औऱ अपने जीपीएस लोकेशन की इंट्री करनी होगी. सभी मरीजों को एक हेल्थ कीट प्रदान किया जाएगा. इसमें इलेक्ट्रॉनिक बीपी मशीन, टेंपरेचर थर्मल मशीन और पल्स ऑक्सीमीटर रहेगा. इन उपकरणों के माध्यम से मरीजों को समय-समय पर अपने स्वास्थ्य संबंधित सभी जानकारियां पोर्टल पर अपडेट करनी होगी. टेलीमेडिसिन स्टूडियो से स्पेशलिस्ट डॉक्टर पोर्टल पर उपलब्ध जानकारियों के माध्यम से मरीज के स्वास्थ्य की निगरानी कर सकेंगे. यदि कोई मरीज अपने घर से बाहर निकलते हैं तो जीपीएस द्वारा इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होगी.

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