
Palamu : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के पांच वार्डों में पेयजल के लिए मची हाहाकार को लेकर नगर निगम के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठी चार महिला पार्षदों में से एक हसबुन निशा की तबीयत तड़के अचानक बिगड़ गई. इसके साथ ही निगम की अंदरूनी राजनीति भी गरमा गई है. चार पार्षद में से दो कविता सिंह और हसबुन निशा गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हङताल पर हैं. इन वार्ड पार्षदों को पार्षद कमर यासमीन, अंजना सिंह और कामेश्वर प्रसाद समर्थन दे रहे हैं.
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भूख हड़ताल के 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अबतक अनशन स्थल पर न तो मेयर-डिप्टी मेयर पहुंचे हैं और ना ही कोई पदाधिकारी. न ही सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की प्रतिनियुक्ति की गई है. रात भर चार महिला पार्षद धरना स्थल पर डटी रही. इन पार्षदों का कहना है उनके वार्ड में पेयजल की भारी समस्या है और निगम की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
सत्याग्रह का मजाक बनाया जा रहा है: पार्षद कमर
अनशनकारी पार्षदों को समर्थन दे रही पार्षद कमर यासमीन ने कहा कि उनके सत्याग्रह का मजाक बनाया जा रहा है. पूरी रात 4 महिला पार्षद अकेले निगम कार्यालय के सुनसान इलाके में अनशन पर बैठी रही, लेकिन उनकी सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं किया गया. जानकारी मिली है कि उनके आंदोलन का मजाक बनाया जा रहा है. मेयर डिप्टी मेयर सहित अन्य पार्षद उनके आंदोलन पर हंस रहे हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन पानी के सवाल पर किया जा रहा है. इस चीज को लोग समझ नहीं पा रहे हैं, केवल राजनीति की जा रही है.
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मेडिकल टीम बैरंग वापस लौटी
महिला पार्षद हसबुन निशा की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर शुक्रवार की सुबह 7:30 बजे मेडिकल टीम अनशन स्थल पर पहुंची. टीम के सदस्य पार्षद को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए तैयार थे, लेकिन पार्षद हसबुन निशा ने स्पष्ट कहा कि उनका इलाज अगर मौके पर कर सकते हैं तो करें, वह अस्पताल नहीं जा सकती. कोई निर्णय नहीं होने पर मेडिकल टीम वापस लौट गई.




