
Uday Chandra
New Delhi : लंदन की एक अदालत ने भारत में 13,000 करोड़ के पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है. अदालत ने आज उसकी जमानत अर्जी को ठुकरा कर भारत प्रत्यपित करने का आदेश जारी किया है. नीरव मोदी करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांछित है.
नीरव मोदी के दक्षिण-पश्चिम लंदन स्थित वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए. जिसके बाद जज सैमुअल गूजी अपने फैसले में बताया कि नीरव मोदी के भारतीय अदालतों के समक्ष पेश होने के लिये मामला बनता है. मजिस्ट्रेट की अदालत के इस फैसले के बाद उसे ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा.
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नीरव के पास हाईकोर्ट में अपील करने का है मौका
हालांकि इस फैसले के बाद भी नीरव मोदी के पास हाईकोर्ट में अपील करने का मौका है. जिससे माना जा रहा है कि इस मामले की सुनवाई अभी और लंबी खिंच सकती है. नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये शामिल हुए
भारत में आपराधिक कार्यवाही का करना होगा सामना
इससे पहले जमानत को लेकर नीरव मोदी के कई प्रयास मजिस्ट्रेट अदालत और उच्च न्यायालय में खारिज हो चुके हैं क्योंकि उसके फरार होने का अंदेशा था. उसे भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना होगा. इसके अलावा कुछ अन्य मामले भी उसके खिलाफ भारत में दर्ज हैं.
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180 करोड़ डॉलर का मालिक है नीरव
फोर्ब्स के मुताबिक 2017 में नीरव मोदी की कुल दौलत 180 करोड़ डॉलर (करीब 11, 700 करोड़ रुपए) थी. नीरव मोदी की कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है. मार्च 2018 में नीरव मोदी ने न्यूयॉर्क में बैंकरप्सी प्रोटेक्शन के तहत याचिका दायर की थी.
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