
Amit Jha
Ranchi : अरगोड़ा नदी खतरे में है. इसके बहाव क्षेत्र वाली जमीन को भू माफिया हथियाने लगे हैं. नदी किनारे की जमीन लूटने के साथ-साथ श्मशान भूमि तक लूटी जा रही है. स्थिति ऐसी है कि रातोंरात नदी के बहाव क्षेत्र की जमीन पर लोग बाउंड्री वॉल खड़ी कर दे रहे हैं. स्थानीय प्रशासन तक को इसकी भनक नहीं लग पा रही.
मामला अरगोड़ा पुंदाग रोड का है. मोती पेट्रोल पंप के सामनेवाली गली में अरगोड़ा नदी के प्लॉट संख्या 859 पर दो सप्ताह के भीतर 30 डिसमिल से भी अधिक गैर मजरूआ जमीन पर अतिक्रमण कर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गयी है. इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
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सरकार से की गयी शिकायत
स्थानीय लोगों ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव कमल किशोर सोन से शिकायत की है. उन्हें लिखे पत्र में कहा गया है कि अरगोड़ा अंचल के गैर मजरूआ खास खाता नंबर 268, प्लॉट नं 859 (रकबा-2.36 एकड़) और 865 (रकबा-1.58 एकड़) पर अवैध निर्माण किया गया है.
यह नदी की जमीन है, लेकिन इस पर जबर्दस्ती करते हुए एक परिवार ने बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी है. इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाये, जिससे अरगोड़ा नदी के अस्तित्व को भी खत्म होने से बचाया जा सके. इस लेटर को रांची डीसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी भेजा गया है. इसके अलावा, पीएमओ और सीएमओ को भी ट्वीट कर मामले की शिकायत की गयी है.
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70 फीट चौड़ी नदी की चौड़ाई अब 7 फीट भी नहीं रही
प्लॉट संख्या 875 के मालिक एतवा मुंडा कहते हैं कि अरगोड़ा नदी का अस्तित्व खत्म करने में भू माफिया और दबंग लगे हुए हैं. दो दशक पहले तक यह नदी 70 फीट तक की चौड़ाई में बहती थी.
लेकिन, नदी किनारे के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण अब यह नाला बनकर 7 फीट की चौड़ाई में भी नहीं बह पा रही. पहले लोग अरगोड़ा नदी में नहाते थे. त्योहार भी इसके किनारे होते थे.
जिस प्लॉट पर अतिक्रमण हुआ है, वहां पहले एक सार्वजनिक तालाब का निर्माण स्थानीय लोगों के सहयोग से किये जाने की योजना थी. लेकिन, अब गैर मजरूआ जमीन पर लगातार अतिक्रमण करते हुए अवैध कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है. वहां पास में ही श्मशान की भी जमीन है. यह भी अतिक्रमण की चपेट में है. प्रशासन को सामने आना चाहिए.

होगी कार्रवाई : सीओ
इधर, अरगोड़ा सीओ रविंद्र कुमार ने इस मामले की जानकारी देने पर न्यूज विंग से कहा कि गैर मजरूआ जमीन या नदी किनारे की जमीन पर अतिक्रमण की सूचना उन्हें नहीं है. अब सूचना आयी है, तो 24 घंटे के अंदर अंचल की टीम वहां जाकर मुआयना करेगी और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जायेगी.
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