
Ranchi : किसान आंदोलन के समर्थन में और बढ़ती मंहगाई व पेट्रोल-डीजल के मूल्य वृद्धि के विरोध में कांग्रेस पार्टी 15 जनवरी को देशव्यापी किसान अधिकार दिवस पर रैली करेगी. इसे लेकर सोमवार को पार्टी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक सम्पन्न हुई.
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है. अब तो देश के सर्वोच्च न्यायालय को ही सरकार को यह कहना पड़ा कि अगर तुमसे नहीं होता, तो हम कानून स्टे कर देते हैं.
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इससे बड़ी नाकामी, इससे बड़ी विफलता, इससे बड़ा नकारापन और इससे ज्यादा जिद और अहंकार शायद 73 साल के इतिहास में किसी सरकार के साथ हुआ होगा.
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, हज कमिटी के चेयरमैन डॉ इरफान अंसारी, विधायक प्रदीप यादव, रामचन्द्र सिंह, विक्सल कोनगाड़ी, राजेश कच्छप, ममता देवी, पूर्णिमा नीरज सिंह, सोनाराम सिंकू, भूषण बाड़ा उपस्थित हुए. बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश व राजेश ठाकुर भी उपस्थित थे.
15 जनवरी के प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की तैयारी को लेकर यह निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और सभी मंत्री व विधायक इसकी तैयारी में सोमवार से लग जायेंगे. आगामी 13 जनवरी को सभी जिलों में इस संबंध में तैयारी बैठक बुलाने का निर्देश प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने दिया.
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कांग्रेस विधायक दल के नेता सह मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि पिछले तीन महीने से देश के 62 करोड़ अन्नदाता किसान और खेत मजदूर आन्दोलित हैं. गांधीवादी और शांतिप्रिय तरीके से केन्द्र सरकार द्वारा तीन किसान विरोधी कानूनों का विरोध कर रहे हैं.
उनके समर्थन में कांग्रेस पार्टी का यह राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम झारखंड में भी असरदार रहेगा. सभी विधायकों व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी इस कार्यक्रम में रहेगी. प्रदेश के सभी जिलों से कोविड के गाईडलान का अनुपालन करते हुए करीब पांच हजार किसानों की उपस्थित सुनिश्चित की जायेगी. इसके लिए तमाम विधायकों को आज की बैठक में जिम्मेवारी सौंपी गयी है.
डॉ उरांव ने कहा कि आगामी 15 जनवरी को बढ़ती हुई मंहगाई और किसानों के समर्थन में आहूत राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम किसान अधिकार दिवस पर रैली/प्रदर्शन एवं राजभवन घेराव ऐतिहासिक होगा.
आज की बैठक में यह सुनिश्चित हो गया कि सभी मंत्रीगण, विधायकगण, सांसद, पूर्व सांसद और पार्टी पदाधिकारियों एवं जिला संगठनों की भागीदारी बढ़-चढ़ कर होगी.
उस दिन सभी जिलों से किसान कोविड गाईडलाईन का अनुपालन करते हुए राॅंची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होंगे तथा रैली की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए मोरहाबादी से राजभवन मार्च करेंगे और राजभवन का घेराव किया जायेगा.
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