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विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर वक्ताओं ने कहा- बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं अल्पसंख्यक बस्तियां

Ranchi : आज विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षा और स्वास्थ्य पर परिचर्चा का आयोजन हुआ. यह आयोजन तस्लीम महल, मेन रोड रांची में आयोजित हुआ. परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि आज भी अल्पसंख्यकों की बस्तियों में गुणात्मक शिक्षा-तकनीकी शिक्षा केंद्रों का अभाव है. बुनियादी स्वास्थ्य की जागरूकता की कमी है. जो पहले से भी हाशिये पर था. वहीं इस कोरोना काल में इसका ज्यादा एहसास हुआ.

कहा कि शिक्षा के अधिकार क़ानून के तहत आज भी 15 प्रतिशत बच्चों का नामांकन अधूरा रहता है. जिसमें अल्पसंख्यक बच्चों भी वंचित रहते हैं. सरकारी स्वास्थ्य बीमा हेतु आयुष्मान कार्ड हाशिये के लोगों के लिए बहुत कारगार है. मगर उसकी समीक्षा बेहद जरूरी है. जिसका फायदा अल्पसंख्यक वर्ग को मिल सकता है.

कहा कि अल्पसंख्यकों को उनके लिए बनी सरकारी योजनाओं की जानकारी से ही वंचित रखा दिया गया है. अल्पसंख्यक वर्ग के बीच सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाये.

सरकार के समक्ष ये मांगें रखी गयीं

अल्पसंख्यक-स्लम बस्तियों में दिल्ली की तर्ज़ पर मुहल्ला क्लीनिक,पीएचसी, स्वास्थ्य केंद्र खोले जायें. लाखों की आबादी वाले अल्पसंख्यक-स्लम बस्ती में कार्यरत संगठनों-हॉस्पिटलों को सहयोग किया जाये.

इन इलाकों में गुणात्मक-तकनीकी-प्रोफेशनल शिक्षा केंद्र/स्कूल नहीं है. इनकी शुरुआत की जाये. अल्पसंख्यक स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाये. सरकारी सुविधा बहाल किया जाये. सरकारी सहयोग से अल्पसंख्यक तकनीकी-प्रोफेसर शिक्षा का केंद्र खोलने हेतु अल्पसंख्यक समाज के लोगों को प्रोत्साहित किया जाये. रांची स्थिति अल्पसंख्यक बस्तियों में महिला कॉलेज खोला जाये. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के तर्ज़ पर अल्पसंख्यक महिलाओं विद्यालय भी खोला जाये.
कार्यक्रम में इन्होंने की शिरकत

परिचर्चा कार्यक्रम में डॉ असलम परवेज़, नदीम खान, प्रकाश विप्लव, प्रोफेसर हरविंदर बीर सिंह, ज्योति सिंह मथारू, मंज़र इमाम, औरंगजेब खान, एज़ाज़ गद्दी, अधिवक्ता इम्तेयाज़ अशरफ़, मो शोएब अंसारी, मो आसिफ़ अहमद गुड्डू, निसार खान, स्वेत कमल,नवाज़िश, अर्श, सुमन साहू आदि उपस्थित थे.

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