
Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस का दामन छोड़ दूसरी पार्टियों में गए नेताओं का फिर से कांग्रेस प्रेम जग गया है. वे कांग्रेस में वापसी के लिए हर तरह से प्रयास कर रहे हैं. घर वापसी के लिए कांग्रेस पार्टी के दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एड़ी-चोटी एक किये हुए हैं. वे हैं झारखण्ड कांग्रेस के सबसे लम्बे समय तक अध्यक्ष रहनेवाले पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमुचू और पूर्व अध्यक्ष सुखदेव भगत. दोनों ही नेता विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस को बाय-बाय किया था.
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बालमुचू आजसू व सुखदेव ने थामा था भाजपा का दामन
बालमुचू ने जहां आजसू का दामन थामा था वहीं सुखदेव ने भाजपा का. दोनों ही विधानसभा चुनाव में बुरी तरह से पराजित हुए थे और अब कांग्रेस में फिर से वापसी करना चाहते हैं. झारखण्ड कांग्रेस को प्रदीप कुमार बालमुचू से कोई ऐतराज नहीं है लेकिन सुखदेव भगत के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष से लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हैं. सुखदेव भगत की वापसी कांग्रेस में नहीं हो इसको लेकर राज्यसभा सांसद धीरज साहू ने रांची से लेकर दिल्ली तक विरोध किया था. प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव भी सुखदेव को वापस नहीं लाना चाहते क्योंकि सुखदेव भगत ने रामेश्वर उरांव के खिलाफ ही चुनाव लड़ा था.
डॉ अजय की हो चुकी है वापसी
मालूम हो कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने घर वापसी कर ली है. इनके घर वापसी के बाद बालमुचू और सुखदेव भगत भी जुगत में लग गए थे. सितम्बर महीने में ही बालमुचू का कांग्रेस में वापसी होना था. लगभग सभी तैयारी हो गयी थी. इसी बीच सुखदेव ने भी कांग्रेस में लौटने का जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया. राज्यसभा सांसद धीरज साहू को जैसे ही इसकी भनक लगी उन्होंने खुलकर विरोध कर दिया.
कांग्रेस के संगठन प्रभारी केसी बेनुगोपाल दोनों पूर्व अध्यक्षों के घर वापसी को तैयार थे. प्रदेश कांग्रेस में सुखदेव भगत को लेकर विवाद शुरू हो गया जिसके कारण मामला रुक गया. मालूम हो कि बेरमो विधानसभा उपचुनाव में सुखदेव भगत ने कांग्रेस प्रत्याशी अनूप सिंह के पक्ष में जमकर कम्पैन किया था. जानकारी के अनुसार अभी दोनों ही पूर्व अध्यक्षों के घर वापसी का मामला केंद्रीय स्तर पर लटका हुआ है.
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