
Ranchi. अशोक नगर में न्यूज चैनल के दफ्तर में दो भाइयों महेंद्र अग्रवाल और हेमंत अग्रवाल की हत्या के मुख्य अभियुक्त लोकेश चौधरी ने आखिरकार 20 महीने बाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. वह बुधवार को रांची के सिविल कोर्ट में बुधवार को पहुंचा. उसके सरेंडर की भनक रांची पुलिस को नहीं मिली.
चौधरी की तलाश में रांची पुलिस यहां-वहां खाक छान रही थी, लेकिन उसकी ‘छाया’ तक हासिल करने में नाकाम रही. सनद रहे कि वर्ष 2019 में 6 मार्च को अशोक नगर स्थित एक न्यूज चैनल के बंद कार्यालय में हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में लोकेश चौधरी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अग्रिम जमानत देने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी गयी.
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दफ्तर बुलाकर मार दी थी गोली
लोकेश चौधरी ने साधना न्यूज चैनल की फ्रेंचाइजी ले रखी थी. उसने लालपुर में रहनेवाले अग्रवाल बंधुओं से उधार में बड़ी रकम ली थी. लेनदेन के सिलसिले में उसने व्यवसायी हेमंत अग्रवाल व भाई महेंद्र अग्रवाल को 6 मार्च को अपने दफ्तर में बुलाया था और दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना को अंजाम देने के बाद लोकेश चौधरी 11:57 बजे जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कचनार टोली स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट पहुंचा था. वहां से पत्नी व बच्चों को लेकर सीधे बिहार भाग निकला था.
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रुपये हड़पने के लिए की थी हत्या
लोकेश चौधरी का अंगरक्षक सुनील सिंह ने पकड़े जाने के बाद बताया था कि व्यवसायी हेमंत अग्रवाल व महेंद्र अग्रवाल की हत्या रुपये हड़पने के लिए की गई थी. इसके लिए अग्रवाल बंधुओं के घर लोकेश ने अपने दोस्त व बॉडीगार्ड से आइबी की फर्जी रेड कराई थी. एमके सिंह व धर्मेद्र तिवारी ने अग्रवाल बंधुओं पर गोली चलायी थी दोनों भाइयों की हत्या के बाद लोकेश, एमके सिंह व उनके दोनों अंगरक्षक सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर लेकर भाग निकले थे.
बाद में पुलिस ने करीब छह महीने बाद लोकेश चौधरी के प्राइवेट बॉडीगार्ड सुनील सिंह उर्फ सुनील कुमार को बोकारो थर्मल के बीटीपीएस थाना क्षेत्र के डीवीसी कॉलोनी से गिरफ्तार किया था.
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