
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि 80 फीसदी लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं, जबकि शेष लोगों की जबड़े/ठुड्डी पर फेस कवर लटकता मिलता है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी राजकोट में कोविड-19 अस्पताल में गुरुवार को लगी आग की घटना पर संज्ञान लेने के दौरान की. इस हादसे में पांच मरीजों की मौत हो गयी है.
इसे भी पढ़ें : राजकोट के कोविड-19 अस्पताल में आग लगी, पांच मरीजों की मौत की खबर
देश में कार्यक्रम, जलसे हो रहे हैं. 80 फीसदी लोग मास्क नहीं पहन रहे
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस को लेकर बरती जा रही लापरवाही के ताजा हालात को लेकर नाराजगी जाहिर की है. कहा कि ढेर सारी SOP और गाइडलाइंस तो जारी कर दी गयी, पर कहीं इच्छा शक्ति नहीं नजर आ रही है. इसी क्रम में कहा, देश में कार्यक्रम, जलसे हो रहे हैं. 80 फीसदी लोग मास्क नहीं पहन रहे। बाकी के मास्क जबड़ों पर लटक रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : उद्धव सरकार की किरकिरी, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश, कंगना का ऑफिस गलत इरादे से तोड़ा, बीएमसी मुआवजा दे…
केन्द्रीय गृह सचिव सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा निर्देश जारी करेंगे
सुनवाई के क्रम में केंद्र ने सुप्रीमकोर्ट से कहा कि केन्द्रीय गृह सचिव बैठक आयोजित कर देश भर के सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा निर्देश जारी करेंगे. कोर्ट ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए नीतियां, दिशा निर्देश और मानक संचालन प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए कड़े कदम उठाए जायें.
प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर दुख व्यक्त किया
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को राजकोट के अस्पताल में आग लगने की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन प्रभावितों की हरसंभव सहायता करेगा. पीएमओ ने प्रधानमंत्री के हवाले से ट्वीट किया, राजकोट में अस्पताल में आग लगने से हुई जनहानि से बेहद दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ हैं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.
इसे भी पढ़ें : लालू रहेंगे अभी जेल में, जमानत पर टली सुनवाई, अगली सुनवाई 11 दिसंबर को




