Patna : बिहार चुनाव में दागियों, बागियों और धनकुबेरों को बोलबाला है. एनडीए हो या राजद या लोजपा, सभी पार्टियों ने बाहुबलियों और धनी उम्मीदवारों को टिकट देने में दरियादिली दिखाई हैं. आंकड़ो पर नजर डालें तो करोड़पति उम्मीदवारों को टिकट देने में तेजस्वी का राजद अभी सबसे आगे नजर आ रहा है. राजद की ओर से 29 करोड़पति उम्मीदवारों चुनाव मैदान में हैं.
जदयू की बात करें तो उसके खाते में 25 करोड़पति हैं, जिन्हें टिकट थमाया गया है. अमीर प्रत्याशियों को उतारने में लोजपा भी आगे है. चिराग की पार्टी लोजपा के टिकट पर 23 करोड़पति उम्मीदवार हाथ आजमा रहे हैं.
वेसे कम्युनिस्ट पार्टी और बसपा के कुछ उम्मीदवारों की संपत्ति एक लाख रुपए से भी कम है. खबर है कि सुल्तानगंज से एसयूसीआई कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार नरेश दास की संपत्ति महज 3500 रुपए दर्शायी गयी है.
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जदयू अपने बागी नेताओं से परेशान है
जदयू अपने बागी नेताओं से परेशान है. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले दोनों चरणों के उम्मीदवार पर नजर डालें, तो देढ़ दर्जन से अधिक जदयू के बागी चुनाव मैदान में उतर गये हैं. कहीं ये एनडीए के दूसरे घटक दल भाजपा को, कहीं अपनी ही पार्टी जदयू को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
मैदान में उतरे जदयू के ऐसे बागियों में बेटिकट हुए कई विधायक, कुछ पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री तो कई जदयू संगठन से जुड़े नेता भी शामिल हैं. जान लें कि जदयू ने पहले चरण में ऐसे 15 और दूसरे चरण के ऐसे चार नेताओं को दल से निष्कासित कर दिया है, बावजूद इसके बागियों पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है.
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