
Hathras : निर्भया के बाद हैवानों की दरिंदगी का शिकार हुई एक और बिटिया. हाथरस की उस बिटिया ने आखिर दम तोड़ दिया. पर यह उसकी और उसके परिवार की पीड़ा का अंत नहीं था. पहले से ही विवादों में रही यूपी की पुलिस ने पीडित परिवार को एक और जख्म दे दिया. यूपी पुलिस ने जबरदस्ती उस लड़की के शव का अंतिम संस्कार कर दिया. पीड़िता के परिवारवाले मिन्नतें करते रहें कि उन्हें पहले अंतिम रस्मों को निभा लेने दिया जाए. परिवार वाले 15 मिनट के लिए अपनी लाड़ली के अंतिम दर्शन भी करना चाहते थे. पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से शव लेकर पहुंची पुलिस ने न तो दर्शन ही करने दिए और न ही रस्मों को ही निभाने दिया.
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प्रियंका ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा
इधर मामले में राजनीति तेज हो गयी है. इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांगा है. प्रियंका ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘‘रात को 2.30 बजे परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन हाथरस की पीड़िता के शरीर को उप्र प्रशासन ने जबरन जला दिया. जब वह जीवित थी तब सरकार ने उसे सुरक्षा नहीं दी. जब उस पर हमला हुआ सरकार ने समय पर इलाज नहीं दिया.
बताया जाता है कि जब पुलिस शव लेकर हाथरस पहुंची उस वक्त रात के पौने एक बज रहे थे. शव लेकर पहुंची एंबुलेंस के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. नाराज ग्रामीण सड़क पर ही लेट गए. इस दौरान पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा.
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पुलिस ने लगाई चिता में आग
घरवाले चाहते थे कि वो अपनी बेटी का रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करें. परिजन शव को अपने घर लेकर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया. पीडिता की मां ने रोते हुए कहा कि हम अपनी बच्ची की विदाई करना चाहते हैं. हल्दी लगानी होती है. तभी आखिरी विदाई होती है दरवाजे से. करीब 200 की संख्या में पुलिसवाले घरवालों की मांग ठुकराते हुए लाश को रात 2 बजकर 20 मिनट पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए. गांववालों का कहना है कि पुलिसवालों ने अंतिम संस्कार के वक्त घेरा बना लिया. किसी को चिता के पास जाने तक नहीं दिया. सिर्फ इतना ही नहीं पुलिस वालों ने खुद ही चिता को आग भी लगा दी. पुलिस की इस जबरदस्ती से गांव में आक्रोश व्याप्त है. पुलिस अब सफाई में कह रही है कि घरवालों के सहयोग से ही अंतिम संस्कार किया गया था.
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने दावा किया, ‘‘पीड़िता की मृत्यु के बाद सरकार ने परिजनों से बेटी के अंतिम संस्कार का अधिकार छीना और मृतका को सम्मान तक नहीं दिया. घोर अमानवीयता. आपने अपराध रोका नहीं बल्कि अपराधियों की तरह व्यवहार किया. अत्याचार रोका नहीं, एक मासूम बच्ची और उसके परिवार पर दोगुना अत्याचार किया.’ उन्होंने कहा, ‘‘योगी आदित्यनाथ, आप इस्तीफा दो. आपके शासन में न्याय नहीं, सिर्फ अन्याय का बोलबाला है.
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