Ranchi : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धौनी ने जेएससीए (झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन) को 1800 रुपये बकाये का भुगतान कर दिया है. यह भुगतान चेक के माध्यम से जेएससीए के रांची ऑफिस में किया गया है. अब उनके ऊपर किसी भी मद में एक रुपये का भी बकाया नहीं है. उम्मीद की जा रही है कि एमएस धौनी के ऊपर बकाये राशि से संबंधित विवाद अब खत्म हो जायेगा.
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क्या कहते हैं सचिव
जेएससीए के सेक्रेटरी संजय सहाय ने न्यूज विंग को बताया कि एमएस धौनी के यहां से 1800 रुपये का भुगतान चेक के जरिये कर दिया गया है. यह पैसा धौनी की आजीवन सदस्यता के एवज में जीएसटी (GST) का था जो बकाया रह गया था. अब आज के डेट में धौनी पर किसी भी मद में एक रुपया भी बाकी नहीं है. बकाया का मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किस डेट में यह जमा हुआ और किसने यह पैसा जमा कराया. साथ ही कहा कि जेएससीए के जमशेदपुर कार्यालय में अगर किसी ने बकाया राशि को जमा किया है तो वो उसे वापस ले सकते हैं. इसके लिए बाकायदा नोटिस जारी कर सूचना जारी कर दी जायेगी.
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धौनी को बताया गया था कर्जदार
जेएससीए ने अगस्त महीने में 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की थी. इसमें महेंद्र सिंह धौनी को 1800 रुपये का बकायेदार बताया गया था. रिपोर्ट में JSCA के बकायेदारों औऱ एडवांस लेनेवालों की सूची दी गयी थी. इसमें टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन और वर्तमान में JSCA रणजी टीम के मेंटर एमएस धौनी का नाम भी है. उनके नाम पर 31 मार्च 2020 तक 1800 रुपये का बकाया दिखाया गया. इस पर काफी विवाद खड़ा हो गया था. पूर्व क्रिकेटरों ने इसे बेहद शर्मनाक बताया था. जेएससीए को इसके लिए सवालों के घेरे में खड़ा किया गया. धौनी और राज्य की अस्मिता के साथ इसे भद्दा मजाक कहा था. इसके विरोध में पूर्व क्रिकेटरों के समूह ने जेएससीए के जमशेदपुर ऑफिस में जाकर 1800 रुपये का ड्राफ्ट भी जमा करा दिया था. हालांकि इसे स्वीकार नहीं किया गया था.
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