Surjit Singh
भाजपा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को हटाने की मांग कर दी है. वह भी 24 घंटे के भीतर. वजह यह है कि भाजपा की आइटी सेल के लोग अब फर्जी नामों से अकाउंट बना करके अपनी पार्टी के नेताओं को भी निशाना बनाने लगे हैं.
क्या आपको याद है- देश में पहली बार किस व्यक्ति को सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप्प) पर ट्रोल किया गया. मुझे जैसा की याद है पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को. उनके दूसरे कार्यकाल के अंतिम सालों में उन पर तमाम तरह के आरोप लगा कर उन्हें बदनाम किया गया.
इसके बाद दूसरा व्यक्ति भी कांग्रेस पार्टी से ही हैं. वह हैं राहुल गांधी. पिछले सात-आठ सालों में सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का जितना मजाक बनाया गया, उतना शायद ही किसी दूसरे को. इसके अलावा भी पत्रकार रवीश कुमार, एक्टर आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह, भीम आर्मी के चंद्रशेखर समेत कई नेताओं के नाम इस कड़ी में जुड़ते हैं.
सुब्रमण्यम पहले भाजपा नेता नहीं हैं, जिन्हें निशाना बनाया गया. इससे पहले जून 2018 में तब की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को निशाना बनाया गया था.
सुषमा स्वराज को इसलिये ट्रोल किया गया था. क्योंकि उन्होंने उस महिला का पासपोर्ट जारी किया था, जिसने दूसरे धर्म को मानने वाले से विवाह किया था. उस दंपती ने लखनऊ के पासपोर्ट सेवा केंद्र में कार्यरत विकास मिश्रा पर उन्हें पासपोर्ट आवेदन को लेकर अपमानित करने का आरोप लगाया था. विवाद के बाद मिश्रा का तबादला कर दिया था. महिला ने आरोप लगाया था कि मिश्रा ने कथित रुप से उसके पति को हिन्दू धर्म अपना लेने की बात कही थी.
इस तरह किसी को ट्रोल कौन करता है. देश में जो सबसे विख्यात नाम है वह है अमित मालवीय का. अमित मालवीय दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के आइटी सेल का प्रमुख हैं. भाजपा की आइटी सेल जिसे चाहती है, उसे जलील कर देती है, यह किसी से छिपा नहीं है. सुब्रमण्यम स्वामी ने अमित मालवीय को दुष्ट बताया है और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
एक और घटना है. सितंबर 2018 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहते हुए अमित शाह ने राजस्थान के कोटा में पार्टी कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं व सोशल मीडिया वॉलेंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा था कि उनका सोशल मीडिया संगठन इतना मबबूत है कि वो जैसा चाहें, वैसा संदेश जनता तक पहुंचा सकते हैं. उन्होंने बताया था कि उत्तर प्रदेश में उनके पास 32 लाख लोगों का व्हाट्सएप्प ग्रुप है, जिसमें सभी सूचनाएं नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे तक जाती हैं. हम जो चाहें वो संदेश जनता तक पहुंचा सकते हैं, चाहे खट्टा हो या मीठा, चाहे सच्चा हो या झूठा हो.
पर, हाल की कुछ घटनाएं बताती हैं, कि जिस आइटी सेल की बदौलत भाजपा अपने विरोधियों को नीचा दिखाती रही है. बदनाम करती रही है. वही आइटी सेल अब भाजपा के लिये मुसीबत बनती जा रही है.




