Palamu : राज्य सरकार के आदेश के बाद पलामू सहित पूरे झारखंड में यात्री बसों का परिचालन किया जा रहा है. संचालन शुरू हुए अभी पांच दिन ही हुए हैं. लेकिन बस संचालकों ने सरकार की शर्त पर वाहन चलाने में परेशान हो गए हैं. बस संचालकों ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि कोविड कंट्रोल को लेकर बनाए जा रहे नियमों के साथ वाहन नहीं चलाए जा सकते. वाहन मालिक परिचालन ठप करने की सोचने लगे हैं.
पांच माह से ठप था बसों का संचालन
विदित हो कि कोरोना संक्रमण के कारण सरकार की ओर से पिछले 5 माह से बसों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी थी. 1 सितंबर से सरकार ने बसों के परिचालन की सशर्त स्वीकृति प्रदान की है. नये नियमों के अनुसार साथ लगी दो सीटों पर अब केवल एक ही यात्री को बैठना है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके. इसके लिए एक ही यात्री को दो सीटों का किराया देना पड़ रहा है. किराया ज्यादा होने के कारण बसों में यात्री नहीं मिल रहे हैं. इससे बस संचालक परेशान हैं.
चालक और बस मालिक पर कार्रवाई से परेशानी बढ़ी
पलामू जिला ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता किरण कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड नियम तोड़ने पर चालक एवं बस मालिक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है. मोटर, व्हीकल एक्ट की धारा 192 ए के तहत कार्रवाई की बात कही जा रही है. सरकार ने जो नया नियम लाया है, उसमें परिवहन नियम तोड़ने पर चालक एवं बस मालिकों को दस हजार रूपया फाइन और एक साल की सजा का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है.
यात्रियों से बढ़ रहा झंझट
प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार की सभी शर्तों को मानते हुए बसों को जिला मुख्यालय से छोड़ देते हैं. रास्ते में अगर यात्री इन नियमों को नहीं मानते हैं तो हर दिन यात्रियों को समझाना संभव नहीं है. हर दिन यात्रियों से झंझट हो रहा है. अगर ऐसी स्थिति रही तो बस परिचालन करना संभव नहीं होगा. इन शर्तों पर बस चलाना नामुमकिन है. लाचार होकर बस सेवा बंद की जा सकती है.
बसों के संचालन में हो रहा आर्थिक नुकसान
संचालकों ने कहा कि कोविड को लेकर सरकार के कई नियमों को बस मालिक अपना रहे हैं और बसों का संचालन कर रहे हैं. इसमें उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. बस पड़ाव को नगर निगम द्वारा सेनिटाइज कराने की पहल भी की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा कोई आदेश सरकार द्वारा नहीं दिया गया. सिर्फ बस मालिकों के उपर शर्त लगा दिया गया है.
बस की तरह ट्रेन सेवा शुरू करने की सलाह
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने अबतक रोड टैक्स, फिटनेस, रोड परमिट, इंश्योरेंस आदि के लिए 31 दिसम्बर तक की अवधि विस्तार नहीं किया है. उन्होंने बसों के साथ रेल परिचालन पर भी जोर देते हुए कहा कि अगर दोनों रूट का सुचारू कर दिया जाए तो यात्रियों को आवागमन में आसानी होगी. इससे बस मालिकों को राहत मिलेगी.




