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झारखंडः पुलिसकर्मियों में तेजी से बढ़ रही है आत्महत्या की प्रवृत्ति

Saurav Singh

Ranchi : जमशेदपुर में 10 अगस्त को बड़ा मामला सामने आया. जब पुलिस लाइन में रह रहे एक एएसआइ ने खुद को गोली मार ली. यह पुलिस सुसाइड का पहला मामला नहीं है. बीते एक वर्ष के दौरान पुलिसवालों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है. पुलिस विभाग के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर मानसिक और पारिवारिक तनाव इस कदर हावी है कि वे अपनी जान लेने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं.

पिछले एक साल के दौरान झारखंड में एक के बाद एक कई पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या कर ली. पुलिसकर्मियों द्वारा की गयी आत्महत्या के आंकड़ों पर गौर करें तो इसकी मुख्य वजह, परिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और प्रेम प्रसंग को माना जा सकता है. क्योंकि कई ऐसे मामले सामने आये, जिनमें काम के दवाब औऱ प्रेम में असफल होने की बात सामने आयी है.

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पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए चल रहा ‘अभियान सम्मान’

झारखंड पुलिस ने 60 दिनों तक ‘अभियान सम्मान’ शुरू किया है. डीजीपी एमवी राव के आदेश पर राज्यभर के सिपाही, हवलदार व चतुर्थवर्गीय पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘अभियान सम्मान’ चल रहा है. डीजीपी के आदेश के मुताबिक, कोविड 19 ड्यूटी में झारखंड पुलिस का काम काफी सराहनीय रहा. ऐसे में पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर उसे सुलझाने की जरूरत है. अभियान छह अलग-अलग चरणों में 20 अगस्त तक चलेगा.

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आठ घंटे काम और सप्ताह में छह दिनों की ड्यूटीवाली बात हवा-हवाई

सिपाही और हवलदार स्तर के पुलिसकर्मियों के लिए रोजाना आठ घंटे काम और सप्ताह में छह दिनों की ड्यूटी वाली बात हवा-हवाई साबित हो गयी. पूर्व डीजीपी डीके पांडेय के इस आदेश के कई महीने बीत गये, लेकिन इस आदेश का पालन ग्राउंड स्तर पर नहीं दिखा. इसकी सबसे बड़ी वजह है पुलिसकर्मियों की कमी. जब एक शिफ्ट में ही पुलिसकर्मी कम पड़ रहे हैं, तो तीन शिफ्टों में ड्यूटी कर इस आदेश का पालन करवाया जाना मुमकिन कैसे होगा.

पुलिसकर्मी कर रहे हैं आत्महत्या

26 मई 2019- पालकोट थाना में पदस्थापित जैप हवलदार संतोष कुमार महतो ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली. हवलदार ने अपने सर्विस इंसास रायफल से खुद को तीन गोली मारी थी.

12 जून 2019- गिरिडीह जिला पुलिस बल के 38 वर्षीय जवान राहुल कुमार राय ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार कर ली. हालांकि इस मामले में कहा गया कि गोली गलती से चली थी.

26 जून 2019- जमशेदपुर के चाकुलिया थाना में पदस्थापित एएसआइ याकूब आइंद का शव मंगलवार को थाने के पीछे खाली क्वार्टर के बरामदे में फंदे से झूलता मिला.

23 अगस्त 2019- रांची बीआइटी मेसरा ओपी परिसर में मुंशी दीपक पटेल ने पंखे के सहारे फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली.

12 सितंबर 2019- पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में झारखंड पुलिस के दो सिपाहियों ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी. महिला सिपाही नंदिनी कुमारी की मौके पर ही मौत हो गयी. पुरुष सिपाही सरोज कुमार को गंभीर हालत में पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था. दोनों देवघर जिला बल में तैनात थे.

25 अक्टूबर 2019- सरायकेला जिले के दुगनी स्थित सीआरपीएफ 196 बटालियन के कैंप परिसर में सीआरपीएफ जवान मोहम्मद सैफुद्दीन अहमद ने आत्महत्या कर ली, जवान का शव पेड़ से लटका मिला था.

14 अप्रैल 2020- जमशेदपुर के गुड़ाबांदा थाने के एसआइ पूर्ण चंद्र मुंडा ने बैरक में अपने साथ हरि कुंवर मुंडा की एके-47 से खुद पर दो राउंड गोली चला दी थी और घायल हो गये थे.

10 जुलाई 2020- जमशेदपुर जिले के गोलमुरी पुलिस लाइन के फ्लैट में रहनेवाले सहायक सब इंस्पेक्टर तरुण पांडेय ने सर्विस रिवाल्वर से सिर में गोली मार कर आत्महत्या कर ली.

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6 Comments

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