
Ranchi : कोरोना काल में साढ़े सात लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक झारखंड लौटे. इनके लिए राज्य सरकार की ओर से रोजी रोजगार की व्यवस्था के लिए पहल भी हुई. खास कर मनरेगा के जरिये रोजगार सृजन किया गया. बावजूद इसके अब बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने-अपने कार्यस्थलों को वापस लौट रहे हैं. प्रदेश भाजपा ने इस पर सरकार से जवाब मांगा है. पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार ने सभी श्रमिकों को रोजगार देने की बात कही थी. यह दावा हवा-हवाई साबित हुआ है. श्रमिक सरकार से निराश होकर फिर से कामकाज के लिए वापस जा रहे हैं.
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कंपनियां भेज रही हैं प्लेन का टिकट
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अलग-अलग जिलों से प्रवासी श्रमिक कामकाज के अभाव में पैसे की कमी से भी जूझ रहे हैं. हाल ही में लातेहार, गढ़वा और मेदिनीनगर से सैकड़ों श्रमिक आंध्र प्रदेश गये हैं. एलएनटी कंपनी ने उनके लिए बस भेजी थी. गिरिडीह और दूसरे जिलों से भी हजारों मजदूर कामकाज के लिए वापस लौटे हैं. कुछ कंपनियां श्रमिकों को वापस बुलाने के लिए प्लेन का भी टिकट भेज रही हैं.
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