
New Delhi: दवा कंपनी जायडस केडिला ने बुधवार को कहा कि उसके प्रस्तावित कोविड-19 के टीके ‘जायकोव- डी’ के पहले चरण का चिकित्सकीय परीक्षण पूरा हो गया है. अब कंपनी 6 अगस्त से इसके दूसरे चरण का लोगों पर चिकित्सकीय परीक्षण शुरू करेगी.
कंपनी ने कहा है कि पहले चरण के चिकित्सकीय परीक्षण में जायकोव- डी को सुरक्षित और सहनीय पाया गया. कंपनी अब 6 अगस्त 2020 से दूसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण शुरू करेगी.
पहले चरण में वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित
जायडस केडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने कहा कि पहले चरण में दी गयी. दवा में जायकोव-डी को सुरक्षित पाना महत्वपूर्ण पड़ाव है जिसे हासिल किया गया. उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिन लोगों पर भी चिकित्सकीय परीक्षण किया गया उनकी दवा देने के 24 घंटे तक चिकित्सा यूनिट में पूरी तरह देखभाल की गयी.
उसके बाद सात दिन तक उनकी निगरानी की गयी जिसमें टीके को पूरी तरह सुरक्षित पाया गया. ‘‘अब हम दूसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण शुरू करने जा रहे हैं और बड़ी जनसंख्या में इस दवा से होने वाले बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करने की इसकी ताकत का मूल्यांकन किया जायेगा.
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पिछले महीने ह्यूमन ट्रायल के लिए मिली था इजाजत
जायडस केडिला को पिछले महीने उसके कोविड- 19 के उपचार के लिये तैयार टीके के ह्यूमन ट्रायल की घरेलू प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त हुई. देश दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच यह दूसरी भारतीय दवा कंपनी है जिसे सरकार की तरफ से परीक्षण की अनुमति मिली है.
इससे पहले भारत के पहली कोविड-19 टीके ‘कोवाक्सिन’ के परीक्षण की अनुमति भारत बायोटेक को दी गई। भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सास अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर कोरोना वायरस के इलाज में संभावित रूप से काम आने वाले इस टीके को तैयार किया है.





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