
Ranchi : राज्य के बच्चों का भविष्य गढ़नेवाली संस्था झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के सदस्यों का कार्यकाल डेढ़ साल पहले ही खत्म हो गया है. वहीं जैक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कार्यकाल भी एक्सटेंशन पर चल रहा है. इसके बाद भी अब तक नये सदस्यों के साथ बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है. गौरतलब है कि 19 सदस्यीय जैक बोर्ड का कार्यकाल 5 जनवरी 2019 को खत्म हो चुका है. विभाग की ओर से बोर्ड के गठन के लिए विज्ञापन भी जारी किया जा चुका है. पर अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी है.
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तीन साल का होता है बोर्ड का कार्यकाल
जैक बोर्ड कुल 19 सदस्यों का होता है. इस बोर्ड के पदेन सदस्य जैक के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा निदेशक व एससीइआरटी के अध्यक्ष होते हैं. अब विश्वविद्यालय से भी एक प्रतिनिधि को बोर्ड के सदस्य के रूप में रखा जाता है. वहीं बोर्ड के अन्य सदस्यों में एक माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य, छह ख्याति प्राप्त शिक्षाविद (कम से कम एक प्रतिनिधि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति, महिला व अल्पसंख्यक वर्ग से), 15 वर्ष शैक्षणिक या प्रशासनिक अनुभव प्राप्त संस्कृत के विद्वान, अरबी, फारसी या उर्दू के विद्वान, एक प्रख्यात व अनुभवी शिक्षाविद, प्लस टू विद्यालय या इंटर कॉलेज के एक प्राचार्य बोर्ड के सदस्य होते हैं. बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है.
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स्टीफन मरांडी, नवीन जायसवाल व अनंत ओझा अब भी सदस्य
जैक बोर्ड में तीन विधायक भी सदस्य होते हैं. 5 जनवरी 2019 को बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी राज्य के तीन विधायक स्टीफन मरांडी, नवीन जायसवाल व अनंत ओझा अब भी सदस्य हैं. प्रावधान के अनुरूप चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ मनोनीत विधायक की बोर्ड की सदस्यता समाप्त हो जाती है. बोर्ड का गठन नहीं होने से सदस्य के रूप में तीनों विधायक अब भी सदस्य हैं.
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