
GIRIDIH : गिरिडीह नगर निगम के मेयर सुनील पासवान की अग्रिम जमानत याचिका को पंचम जिला एवं सत्र न्यायधीश अनिल कुमार के कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया. जमानत याचिका खारिज होने के बाद सत्तारुढ़ दल झामुमो नेताओं समेत पूरे नगर निगम इलाके में चर्चा है कि पुलिस कभी भी जालसाजी करने के आरोपी पासवान को गिरफ्तार कर सकती है. मुफ्फसिल थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस मुकेश लुणायत ने कहा कि मेयर की जमानत याचिका खारिज होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
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इस बारे में अधिवक्ता अजय सिन्हा मंटु ने बताया अभी सिर्फ गिरिडीह के पंचम जिला जज अनिल कुमार ने याचिका खारिज की है. वे हाईकोर्ट में जा सकते हैं. मेयर के खिलाफ 420 बी के तहत जालसाजी का केस दर्ज है. जिसमें सात साल सजा का प्रावधान है. लेकिन गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को पूछताछ के लिए 41बी के तहत मेयर को तीन नोटिस जारी करना होगा. मेयर अगर पूछताछ के लिए पेश नहीं होते है, तो गिरफ्तारी वांरट जारी होगा.
क्या है मामला
2017 के नगर निगम चुनाव के दौरान भाजपा नेता सुनील पासवान ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराया था. इसी आधार पर चुनाव लड़ा था. इस पर झामुमो ने सवाल उठाया था. सदर अचंल के सीओ रवीन्द्र सिन्हा के आवेदन पर मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 58/20 में धारा 420 बी के तहत जालसाजी का केस दर्ज किया गया था.




