
Ranchi: राज्य सरकार पहल करते हुए कोटा में फंसे स्टूडेंट्स को ट्रेन से वापस ले आयी है. कोटा से बच्चों को लेकर रविवार शाम को दूसरी ट्रेन धनबाद पहुंची.
इसमें बोकारो की एक छात्रा को सिम्पटम के आधार पर सैंपल लेकर पीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया है. बच्ची बोकारो सिटी की रहने वाली है जिसे ट्रेन में हाई फीवर की शिकायत थी.
इसके अलावा बोकारो जिले के ही विभिन्न हिस्सों की तीन लड़कियों के सैंपल लेकर उन्हें होम क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है.
तीनों छात्राएं आइसोलेशन में रखी गयी छात्रा के अगल-बगल की सीट पर बैठकर आयी हैं. इसलिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इन तीनों के भी सैंपल लेकर इन्हें होम क्वॉरेंटाइन में रहने की सलाह दी है.
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राजस्थान का रेड जोन जिला है कोटा
वापस लाये गये छात्र-छात्राएं कोटा में रहकर इंजीनियरिंग और मेडिकल इंट्रेंस की तैयारी करते हैं. कोटा जिला राजस्थान के रेड जोन जिलों में शामिल है.
राजस्थान के 33 जिलों में 8 जिले रेड जोन हैं. ऐसे में वापस लौटे सभी छात्रों में संक्रमण के खतरे को दरकिनार नहीं किया जा सकता.
शनिवार रात को कोटा से रांची लौटे छात्रों में सभी की स्क्रीनिंग कर उन्हें उनके घर भेज दिया गया था.
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देश के विभिन्न हिस्सों से वापस लाये जा रहे हैं मजदूर
कोटा से छात्रों के अलावा देशभर के विभिन्न हिस्सों में फंसे मजदूरों को वापस लाने की दिशा में राज्य सरकार पहल कर रही है. सबसे पहली ट्रेन हैदराबाद से 12100 मजदूरों को लेकर रांची पहुंची थी.
उसके बाद कोटा से शनिवार और रविवार को 2 ट्रेनें छात्रों को लेकर झारखंड पहुंची हैं. इसके अलावा रविवार शाम 6:00 बजे बेंगलुरु से रांची के लिए मजदूरों को लेकर ट्रेन चली है.
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