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झामुमो विधायक दशरथ गगराई ने सीएम को पत्र लिख कहा- 6th JPSC के परीक्षाफल में त्रुटियां, रद्द करे सरकार

  • मांडर तिर्की बंधु तिर्की ने भी सीएम को पत्र लिख परीक्षा प्रक्रिया रदद करने की मांग की थी

Ranchi : छठी जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सत्ता पक्ष के जेएममएम विधायक दशरथ गगराई ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने सीएम को कहा है कि रघुवर सरकार में निकाली गयी छठी सिविल सेवा परीक्षा में नियुक्ति नियमावली की शर्तों और आरक्षण का पालन नहीं किया गया है. साथ ही इस परीक्षा के अंतिम रिजल्ट में भी कई त्रुटियां हैं. उन्होंने सीएम से मांग की है कि झारखंडी छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार विज्ञापन को रदद् करे और नयी नियमावली निकाल कर 6,7,8 और 9 जेपीएससी परीक्षा संयुक्त रूप से ले.

इससे पहले शनिवार को भी जेवीएम के टिकट पर चुनाव जीते (वर्तमान में कांग्रेस में शामिल) बंधु तिर्की ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख परीक्षा रदद करने की मांग की थी.

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न्यूज विंग ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

बता दें कि न्यूज विंग ने भी जेपीएसएसी परीक्षा में हुई धांधली के मुद्दे को दो दिन पहले प्रमुखता से छापा था. “#JPSC का कारनामा: कम अंक में EBC-1 अभ्यर्थी का वित्त सेवा में चयन, विरोध हुआ तो अर्हता अंक 594 से किया 593” शीर्षक से छापी खबर में यह बात लिखी गयी थी कि छात्रों के विरोध को देख आयोग ने मार्क्स में संशोधन किया. न्यूज में विज्ञापन को दरकिनार कर अंतिम अर्हता मार्क्स में संशोधन और क्वालिफाइंग मार्क्स को मेरिट लिस्ट में जोड़ने की बात कही गयी थी.

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आरक्षित छात्रों का चयन जनरल कोटे में, लेकिन चयन नीचे के पदों पर

जेएमएम विधायक ने कहा है कि इस परीक्षा में ऐसी कई धांधली हुई है, जिससे यह कहा जा सकता है कि परीक्षा में गलत तरीके से छात्रों का चयन किया गया है. आयोग के जारी विज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि पेपर 1 का मार्क्स केवल क्वालीफाइंग होगा. प्रत्येक उम्मीदवार को इस पेपर में केवल 30 अंक लाना होगा. लेकिन इस पेपर में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा के मेरिट लिस्ट में जोड़ दिया गया, जो कि नियम विरुद्ध है.

इसी तरह से जारी रिजल्ट में जनरल कैटेगरी के छात्रों का अंतिम मार्क्स 600 निर्धारित है. लेकिन SC, ST, BC-1, BC-2, वर्ग के कई छात्र फाइनल मेरिट लिस्ट में 600 या उससे अधिक अंक प्राप्त कर जनरल कोटे में चयन हुए. लेकिन उनके प्राथमिकता वाले सेवा चुनाव को दरकिनार कर नियम विरुद्ध एवं सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के विरुद्ध फाइनल मेरिट लिस्ट बनाया गया है जैसे.. रोल नंबर 68020363 के छात्र कुल 626 अंक मिले हैं. इसका चयन वित्त सेवा में हुआ है.

इसी तरह से रोल नंबर 68007752 वाले छात्र को कुल 611 अंक मिले हैं और इसे सूचना सेवा मिला है. दूसरी और रोल नंबर 68020843 के छात्र को कुल 584 और 68018889 को 576 अंक मिला है. लेकिन दोनों ही छात्रों का चयन प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ है.

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