
Giridih: तीसरे चरण के लॉकडाउन के बीच राज्य के हेमंत सरकार द्वारा छूट देने से इंकार की घोषणा रविवार की शाम जैसे ही गिरिडीह शहर में फैली कई दुकानों के शटर गिर गये.
लेकिन रविवार शाम को ही लॉकडाउन व शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली तस्वीर भी नजर आयी. वह भी शहर से महज एक किमी दूर सदर प्रखंड के झरियागादी इलाके में.
जानकारी के अनुसार झरियागादी स्थित उसरी नदी के तट पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ सुरजाही पूजा करने के लिए उमड़ी. इस दौरान ना तो लोगों में कोरोना का कोई खौफ ही नजर आया, और ना ही शारीरिक दूरी के नियमों के पालन की कोई चिंता ही दिखी.
उसरी नदी तट पर जुटे लोगों ने त्योहारों की पंरपरा के अनुसार एक-दूसरे से सटकर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया.
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कोई आयोजक नहीं, स्वतः जुटे थे लोग
शारीरिक दूरी के नियमों को तोड़ने वाले इस धार्मिक आयोजन की जब जानकारी हासिल की गयी, तो पता चला कि नदी तट पर इस आयोजन को किसी ने नहीं किया बल्कि आसपास के लोग खुद जुटे, और नदी तट पर पूजा-अर्चना करने के बाद वापस चले गये.
लेकिन हैरानी की बात यह भी रही कि स्थानीय प्रशासन को भी झरियागादी में होने वाले आयोजन की कोई जानकारी नहीं थी.
बहरहाल, एक तरफ जहां झारखंड में भी कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है वहीं दूसरी तरफ ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होना जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है.
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97 मजदूरों को लेकर पहुंची बसें
रविवार की सुबह 97 अप्रवासी मजदूरों से भरी तीन बसे गिरिडीह शहर पहुंची. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से गुमला होते हुए तीनों बसों का प्रवेश शहर के झंडा मैदान में हुआ.
इस दौरान मजदूरों का स्वागत करने के लिए बीडिओ गौतम भगत, सीओ रवीन्द्र सिन्हा, सिविल सर्जन डा. अवद्येश सिन्हा के अलावे आपूर्ति पदाधिकारी सुदेश कुमार भी पहुंचे थे.
मौके पर मजदूरों को कुछ समाजिक कार्यकर्ता नीलरत्न खेतान और मिथिलेश सिंह ने झंडा मैदान में बिस्कुट का पैकेट और पानी के बोतल का वितरण किया. इस पर मजदूरों का हुजूम टूट पड़ा. काफी मशक्कत के बाद मजदूरों के बीच वितरण किया गया.
पदाधिकारियों ने मजदूरों को उनके घर जाने का सुझाव देते हुए कहा कि अगले 21 दिनों तक उनलोगों को होम क्वांरटीन में रहना है.
प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए ही रविवार को ही 10 बसों को शहर के सर्कस मैदान से बिहार के पटना और छत्तीसगढ़ रवाना किया गया.
अनुमति मिलने के बाद डीसी के निर्देश पर इन बसों को पटना और छत्तीसगढ़ भेजा गया. जानकारी के अनुसार पटना और छत्तीसगढ़ से प्रवासी मजदूरों को लेकर ये बसें मंगलवार की सुबह गिरिडीह पहुंचेंगी.
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