
Akshay Kumar Jha
Ranchi: 25 अप्रैल को जमशेदपुर से खबर आयी कि एक फल दुकानदार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है. मामला यह था कि उसने अपने फल की रेड़ी पर “विश्व हिंदू परिषद की अनुमोदित हिंदु फल दुकान” का पोस्टर लगाया था. जैसे ही पुलिस ने मामला दर्ज किया, सियासी उठापटक शुरू हो गयी. बीजेपी की तरफ से कांग्रेस और हेमंत सरकार पर जोरदार हमला बोला गया. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक यह मामला ट्रोल करने लगा.
फेसबुक और ट्विटर पर बीजेपी पार्टी ने जमकर मोर्चा खोला. 26 तारीख को ट्विटर पर लगातार Hinduphobia_in_Jharkhand ट्रोल किया. मामला जमशेदपुर के होने के नाते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने फल दुकानदार से खुद मुलाकात की.
मीडिया में बयान जारी कर कहा कि ऐसा करके हेमंत सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है. पुलिस की कार्रवाई की उन्होंने घोर निंदा की और एफआईआर वापस लेने की चेतावनी भी दी.
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देश में सभी को धार्मिक स्वतंत्रताः रघुवर दास
इस मामले पर न्यूज विंग ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से बात की. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से मौजूदा सरकार ने गलत किया है. कहा कि देश के हर भारतीय को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है. यह अधिकार संविधान की तरफ से दी गयी है.
देश में हर किसी के पास धार्मिक स्वतंत्रता है. दुकानदार ने अगर धर्म से संबंधित कुछ लिखा तो क्या आपत्ति है? विश्व हिंदू परिषद से अनुमोदित लिखे होने पर रघुवर दास ने कहा कि तो आखिर इसमें दिक्कत क्या है.
इसके अलावा रघुवर दास ने भी कहा कि अपनी-अपनी दुकान में अगर लिखते हैं कि अक्षय (संवाददाता का नाम) से अनुमोदित मेरी दुकान है, तो इसमें क्या आपत्ति है किसी को? निश्चित रूप से सरकार ने गलत किया है.
रघुवर दास से और क्या उम्मीद कर सकते हैं: रामेश्वर उरांव
मामले पर न्यूज विंग से बात करते हुए खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि रघुवर दास से और क्या उम्मीद की जा सकती है. फल विक्रेताओं को भी वो हिंदू-मुस्लमान कहकर बांटेंगे. आम जनता को हिंदू-मुस्लमान कहकर बांटेंगे, उनसे यही उम्मीद की जा सकती है.
बीजेपी की तरफ से लगाये जा रहे सभी आरोप निराधार हैं. पुलिस तटस्थ है. कोई भी सरकार रहे पुलिस तटस्थ होती है. सेक्युलर होती है. पुलिस ने जो काम किया, बिलकुल सही किया.
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