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क्या कोरोना एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट किट की खरीद में हो रहा था घोटाला! ICMR खरीद रही थी 600 में, कोर्ट ने 155 रुपये प्रॉफिट के साथ तय की कीमत 400

NewsWing Desk

दो दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी कर कोरोना रैपिड टेस्टिंग किट की कीमत 400 रुपये तय कर दी है. यह कीमत 155 रुपये की प्रॉफिट मार्जिन के साथ है. कोर्ट ने माना है कि कोरोना रैपिड टेस्टिंग किट की बेस प्राइस 245 रुपया है. महामारी के वक्त में 155 रुपये का प्रॉफिट मार्जिन कम नहीं है. अब तक कोरोना रैपिड टेस्टिंग किट की कीमत 600 रुपये ली जा रही थी. इस रेट को भारत सरकार की ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों ने तय किया था. 400 रुपये की दर, पहले से तय दर से 40 प्रतिशत कम है.

इसके साथ ही यह सवाल खड़ा हो गया है कि “ना खाउंगा, ना खाने दूंगा” वाली केंद्र सरकार के अफसरों ने ऐसे वक्त में भी घोटाला कर दिया. सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से रैपिड टेस्टिंग किट की कीमत को लेकर सवाल खड़े किये जा रहे थे. और इसकी तुलना ताबूत घोटाले से की जा रही थी.

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26 अप्रैल को अदालतों की खबरें प्रकाशित करने वाली न्यूज पोर्टल livelaw.in ने इससे संबंधित खबर प्रकाशित किया है. livelaw.in की पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि कोरोना रैपिड टेस्टिंग किट की कीमत 400 रुपये होगी. किट की बेस प्राइस 245 रुपया है. इसमें 155 रुपये का प्रॉफिट मार्जिन है. जो विक्रेताओं के लिए बहुत अधिक है. वह भी तब जब महामारी की वजह से पूरी दुनिया में असमान्य स्थिति बनी हुई है.

देश सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रही है. लॉकडाउन की वजह से लोग 24 मार्च से घरों में रहने को विवश हैं. अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब है.

ऐसे वक्त में लोगों को यह आश्वासन मिलना चाहिये कि इस महामारी के वक्त में उनके लिए कम कीमत पर टेस्ट किट उपलब्ध है. निजी लाभ से ज्यादा महत्वपूर्ण पब्लिक इंटरेस्ट है. इसलिए जीएसटी को साथ रैपिड टेस्टिंग किट की कीमत 400 रुपये तय की जाती है.

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उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने बिना टेंडर के चीनी अफसरों की बात मानकर किट्स सीधे आर्डर कर दिये थे. चीन से जो टेस्ट किट आये, अभी उसका टेस्ट ही किया जा रहा है. भारत सरकार की आइसीएमआर ने किट की खरीद प्रति किट 600 रुपये की दर से की थी.

इससे पहले हरियाणा की बीजेपी सरकार ने चीन से 1 लाख रैपिड किट का आर्डर इसलिए रद्द कर दिया था, क्योंकि इनकी कीमत 780 रुपये पड़ रही थी. हरियाणा सरकार का कहना था कि दक्षिण कोरिया की भारतीय फर्म एसडी बायोसेंसर यही किट 380 रुपये में बेच रही है.

गौर करने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने इसी कंपनी से 337 रुपये प्रति किट की दर से खरीद की थी. कर्नाटक की बीजेपी सरकार को भी चीनी किट इतने में ही मिली थी, लेकिन आंध्र सरकार को 640 में पड़ी.

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2 Comments

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