
- धनबाद में 31 करोड़ की राशि नवंबर 2017 से बकाया है
- 18 एजेंसियों के जरिये की गयी है आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति
Ranchi: कोरोना महामारी से लड़ने में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका काफी अहम है. राज्य में लगभग 30 हजार स्वास्थ्य कर्मी आउटर्सोसिंग पर कार्यरत हैं जिन्हें साल 2018 से लगातार मानदेय नहीं मिलने से परेशानी हो रही है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बहाल तो किया गया है लेकिन इनके लिए आवश्यकतानुसार राशि आवंटित नहीं की जाती है.
साल 2018 से देखें तो कुछ महीने इन आउटर्सोसिंग कर्मचारियों को मानदेय दिया गया, तो कुछ महीने नहीं.
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जानकारी मिली कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्य के लिए 160 करोड़ राशि आवंटित करने का निर्देश दिया गया है.
लेकिन राज्य का स्वास्थ्य विभाग की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए मात्र 90 करोड़ का प्रावधान किया जाता है.
ऐसे में कुछ कर्मचारियेां को मानदेय मिला है तो कुछ को नहीं. आवंटन अपर्याप्त होने के कारण कर्मचारियों का मानदेय भी लंबित रहता है.
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18 एजेंसियों के जरिये की गयी है आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति
राज्य के अस्पतालों और नर्सिंग कॉलेजों में 18 एजेंसियों के जरिये आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति की गयी है. एजेंसियों को विभाग की ओर से पर्याप्त राशि नहीं मिलने के कारण इन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को परेशानी हो रही है.
कुछ ऐसे भी जिले हैं जहां साल 2018 से ही राशि आवंटन लंबित है. ऐसे में कोरोना महामारी के दौरान ये कर्मचारी सेवा तो दे रहे हैं लेकिन अपने बकाया मानदेय के कारण कई तरह की परेशानियां भी उठा रहे हैं.
इन आउटर्सोसिंग कर्मचारियों में लैब टैक्नीशियन, स्टाफ नर्स, हाउस कीपिंग स्टाफ, ड्राइवर समेत अन्य लोग हैं.
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जिलों की क्या है स्थिति
रामगढ़ जिले के कर्मचारियों को मई 2019 में मानदेय दिया गया. इसके बाद से इस जिले के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मानदेय नहीं दिया गया.
गढ़वा जिले में दिसंबर 2018 के बाद से विभाग की ओर से इन कर्मचारियों के लिए राशि आवंटित नहीं की गयी. इस जिले में हाउस कीपिंग स्टाफ और होम गार्ड के पैसे बाकी हैं.
लोहरदगा में टेक्निकल स्टाफ, सिक्योरिटी और हाउसकीपिंग समेत अन्य कर्मचारियों का मानदेय साल 2019 से बकाया है. पलामू जिला के इन कर्मचारियों का बकाया तो साल 2018 के अगस्त से लंबित है.
आवंटन के अभाव में इन कर्मचारियों को भुगतान नहीं हो पाया है. साहेबगंज में अप्रैल 2019 से अब तक मानदेय बकाया है. बोकारो में करोड़ों राशि मई 2019 से बकाया है.
जमशेदपुर में जूलाई 2019 से राशि आवंटित नहीं की गयी है. गोड्डा में दिसंबर 2018 से बकाया मानदेय भुगतान नहीं किया गया है. गिरिडीह में मई 2019 से बकाया है. धनबाद में 31 करोड़ की राशि नवंबर 2017 से बकाया है.




