
New Delhi: कोरोना वायरस का संक्रमण देश में बढ़ता जा रहा है. वहीं तबलीगी जमात से जुड़े लोग बड़ी संख्या में कोरोना से संक्रमित पाये गये है. जमात से जुड़ें लोगों ने देश के अलग-अलग हिस्सोंं में जाकर भी कोरोना वायरस फैलाया.
इसे लेकर तबलीगी जमात से जुड़े लोगों पर दिल्ली समेत देशभर में कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में अब दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के अमीर मौलाना मोहम्मद साद पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है.
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मौलाना साद पर गैर-इरादतन हत्या का केस
मौलाना साद समेत 7 लोगों के खिलाफ इस धारा को जोड़े जाने की खबर है. दरअसल, तबलीगी जमात के खिलाफ मार्च के आखिर में ही महामारी एक्टै और IPC की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था. अब जमात प्रबंधन के खिलाफ आइपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन) हत्या भी जोड़ दी गई है. धारा 304 जोड़ने के साथ ही आरोपियों की अग्रिम जमानत मुश्किल हो जाएगी. आपराधिक षडयंत्र का मामला पहले से दर्ज है. वहीं वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले 1900 जमातियों को पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है.
1900 विदेशी जमातियों को लुकआउट नोटिस
एक ओर दिल्ली पुलिस ने तबलीगी जमात का अपना शिंकजा कसना शुरू कर दिया है. वहीं क्राइम ब्रांच ने जमात के 1900 विदेशियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है. पुलिस का कहना है कि इन जमातियों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. बता दें कि अब तक जमात से जुड़े डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है जिनमें 400 से ज्यादा विदेशी हैं.
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद समेत 17 लोगों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है. हालांकि, इसमें से 11 जमाती खुद को क्वारेंटीन बता पुलिस के सामने आने से बच रहे हैं. वहीं मौलाना साद ने भी खुद को क्वारेंटीन बताया था. लेकिन माना जा रहा है कि उसका आइसोलेशन पीरियड खत्म हो गया है. ऐसे में पुलिस कभी उसे गिरफ्तार कर सकती है.
पहले ही मांगी थीं फायनेंशियल डिटेल्स
दिल्ली पुलिस ने आलमी मरकज और इसके निजामुद्दीन स्थित मुख्यालयों की फंडिंग के स्रोत की जानकारी पहले ही मांगी है. तबलीगी जमात ने पिछले तीन सालों में कितना टैक्स भरा है, किन-किन बैंकों और कहां-कहां उसके खातों में कहां-कहां से कितने पैसे आए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गयी थी. साथ ही पैन नबंर भी मांगा गया. इसके साथ ही मरकज के प्रमुख मौलाना साद और छह अन्य सदस्यों से उन विदेशियों और भारतीय जमातियों की लिस्ट भी मांगी गई जिन्होंने 11 से 13 मार्च के दौरान आयोजित ‘जोड़’ कार्यक्रम में शिरकत की थी.
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