Read Next
01/06/2025
होराइजन किआ ने रांची में लॉन्च किया Carens Clavis, बाजार में नया आयाम स्थापित होने का भरोसा
20/02/2025
वेदांता ईएसएल ने रवीश शर्मा को बनाया डिप्टी सीईओ
11/08/2024
हिंडनबर्ग का बड़ा दावा, कहा- SEBI चीफ का अडानी स्कैंडल से है कनेक्शन
24/06/2024
भारत के 28 स्टार्टअप ने इस सप्ताह जुटाई 800 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग
11/06/2024
HDFC बैंक के ग्राहकों के लिए खुशखबरी, कम होगा EMI का बोझ, FD पर पहले से ज्यादा रिटर्न
02/06/2024
गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर शख्स, 111 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ मुकेश अंबानी से छीना नंबर 1 का ताज
24/05/2024
शेयर बाजार ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, सेंसेक्स नए शिखर पर, निफ्टी पहली बार 23 हजार के पार
25/04/2024
गिरिडीह: प्रदीप इलेक्ट्रिक ग्रुप के प्रदीप सेल्स में लॉयड ने लॉन्च की AC की नई रेंज
22/04/2024
ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर एसोसिएशन ने झारखंड में भी वनप्लस उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया
14/03/2024
टाटा मोटर्स तमिलनाडु में 9,000 करोड़ रुपये के वाहन निर्माण प्लांट का करेगी निर्माण
Back to top button
Mumbai: देश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर से 19 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गयी है. पीएम मोदी ने 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे इस बात की घोषणा की है.
वहीं लॉकडाउन की अवधि बढ़ाये जाने पर देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने का भी डर सामने आ रहा है. ब्रिटिश ब्रोकरेज फर्म बार्कलेज ने मंगलवार को कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने से देश को 234.4 अरब अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान होगा. इसके चलते कैलेंडर वर्ष 2020 में जीडीपी बिना किसी घट बढ़ के स्थिर रह सकती है.
इसे भी पढ़ें- कोरोना ने कैसे बिगाड़ी देश की अर्थव्यवस्था, उसकी बानगी बना COVID-19 HOTSPOT चंद्रपुरा का तेलो
पहले 120 अरब अमरीकी डालर के नुकसान की जतायी थी आशंका
बार्कलेज ने एक टिप्पणी में कहा कि आर्थिक वृद्धि कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए शून्य होगी और वित्त वर्ष के नजरिये से देखा जाए तो 2020-21 में इसमें 0.8 फीसदी वृद्धि ही होगी.
ब्रोकरेज फर्म ने पहले कहा था कि तीन सप्ताह के लॉकडाउन में 120 अरब अमरीकी डालर का अर्थिक नुकसान होने की आशंका है, जिसके अब बढ़कर 234.4 अरब अमरीकी डालर तक का होने का अनुमान है.
इससे पहले उम्मीद की जा रही थी कि भारत कैलेंडर वर्ष 2020 में ढाई प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगा, जिसे अब घटाकर शून्य कर दिया गया है. दूसरी ओर वित्त वर्ष 2020-21 में पहले 3.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, जिसे अब घटाकर 0.8 प्रतिशत कर दिया गया है.
इसे भी पढ़ें- #CoronaEffect : कोरोना वायरस महामारी के कारण चीन का निर्यात 6.6 फीसदी घटा
खनन-कृषि जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलेगा अधिक नकारात्मक असर
टिप्पणी में कहा गया है कि विशेष रूप से खनन, कृषि, विनिर्माण और उपयोगिता क्षेत्रों पर अनुमान से अधिक नकारात्मक असर देखने को मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तीन सप्ताह के लिए लॉकडाउन को बढ़ाने का ऐलान किया, जो अब तीन मई तक लागू होगा.
उन्होंने संक्रमण से अप्रभावित रहने वाले क्षेत्रों को 20 अप्रैल से कुछ राहत देने का संकेत दिया, लेकिन कहा कि यह छूट सख्त निगरानी पर आधारित होगी.
इसे भी पढ़ें- मोदी जी के संबोधन के तथ्यों की इस हकीकत को भी जान लीजिये, जल्दी नहीं बहुत देर से उठाये कदम