Opinion

मोदी जी के संबोधन के तथ्यों की इस हकीकत को भी जान लीजिये, जल्दी नहीं बहुत देर से उठाये कदम

Girish Malviya

मोदी जी कहते हैं कि ‘जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी.’

इस स्क्रीनिंग की हकीकत क्या है, यह आपको कनिका कपूर के केस से स्पष्ट हो गया होगा. 8 जनवरी से 23 मार्च तक 15 लाख के लगभग विदेशी यात्री भारत आये थे, यह बात खुद केबिनेट सेकेट्री स्वीकार कर चुके हैं.

उन्हें आने दिया गया, उसके बाद केंद्र सरकार राज्य सरकार को कहती हैं कि एक-एक आदमी को ढूंढो और उसे क्वारंटाइन करो! आप यदि उसे एयरपोर्ट पर रोककर प्रॉपर क्वारंटाइन कर देते तो आज ये नौबत नहीं आती?

इसे भी पढ़ें – जेबीवीएनएल उपभोक्ताओं से लॉकडाउन के दौरान मांग रहा एडवांस पेमेंट, जारी किया विज्ञापन

दूसरी बात जो मोदी जी ने कही वो ये थी कि ‘कोरोना के मरीज 100 तक पहुंचे, उससे पहले ही भारत ने विदेश से आये हर यात्री के लिए 14 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य कर दिया था.’

इसमें भी पेंच है! दरसअल ये जनता को भरमाने वाला तथ्य है. इसे सुनकर ऐसा लग रहा है कि मोदी जी ने तो बहुत तेजी से कदम उठाये है. लेकिन जरा रुक जाइए यह तारीख संभवतः15 मार्च है, आज तक की एक खबर बता रही है कि इस दिन भारत मे कोरोना मरीजों की संख्या 108 पहुंच चुकी है.

अब आप खुद ही सोच लीजिए कि  मोदी सरकार ने कितना लेट विदेशी यात्रियों के आइसोलेशन का निर्णय लिया है!

अब आप यह जान लीजिए कि सभी विदेशी यात्रियों को आइसोलेशन में रखने की एडवाजरी एक साथ जारी नहीं की गयी. अलग-अलग देशों के लिए एडवाजरी जारी करने की डेट भी अलग-अलग थी.

भारत सरकार द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देशों के अंतर्गत सबसे पहले 10 मार्च 2020 को निम्न 12 देशों के बारे में अधिसूचना जारी की गयी थी- चीन, हांगकांग, कोरिया, जापान, इटली, थाईलैंड, सिंगापुर, ईरान, मलेशिया, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी.

इसे भी पढ़ें –सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 118 लोगों पर FIR, 60 भेजे गये जेल

11 मार्च 2020 को दूसरी एडवाइजरी जारी की गयी, जिसके अनुसार जो लोग इटली, ईरान, कोरिया, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी देशों में 15/2/2020 के बाद गये थे, उन सबको होम क्वारंटाइन में रखा जाये.

तीसरी एडवाजरी 16/मार्च 2020 को जारी हुई, इसके अनुसार जो लोग कतर,ओमान, कुवैत, UAE गये थे, उनको होम क्वोरंटीन किया जाये.

विदेशी हवाई यात्रा पर पहली रोक 18 मार्च 2020 को यूरोपियन यूनियन, टर्की, यू.के के नागरिकों के लिए लगायी गयी और 22 मार्च 2020 से सभी अंतराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगायी गयी.

यह एडवाजरी वाली जानकारी मध्यप्रदेश के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गयी है, इसलिए इस पर शंका करने का कोई आधार नहीं है.

तो यह है प्रधानमंत्री मोदी जी की बातों की हकीकत, आगे आप स्वयं समझदार है. हमारा काम तथ्यों की छानबीन करने का था, तो आपको वो असलियत बता दी, जो कोई मीडिया चैनल या अखबार आपको नही बताएगा!

इसे भी पढ़ें –शिक्षा मंत्री की अपील के बाद धनबाद DC ने की निजी स्कूलों से फीस माफ करने का अनुरोध

डिसक्लेमरः इस लेख में व्यक्त किये गये विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गयी किसी भी तरह की सूचना की सटीकतासंपूर्णताव्यावहारिकता और सच्चाई के प्रतिnewswing.comउत्तरदायी नहीं है. लेख में उल्लेखित कोई भी सूचनातथ्य और व्यक्त किये गये विचारnewswing.com के नहीं हैं. और newswing.comउनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button