
Ranchi: विधानसभा में कटौती प्रस्ताव रखते हुए सरयू राय ने रघुवर शासन काल में कौशल विकास के रोजगार के आंकड़ों की हेराफेरी, एजेंसियों के चयन और एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर एसआइटी से जांच कराने की मांग की थी.
इसपर सरकार ने अपने जवाब में इसपर एसआइटी जांच पर सहमति दे दी है है. सरकार की ओर से जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि यह सरकार एसआइटी जांच करायेगी. हेमंत सोरेन की इस सरकार में किसी को लूट की छूट नहीं होगी.
सरयू राय ने कहा कि सरकार ने एक लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी पर 1584 युवा ही काम कर रहे हैं जो लगभग 1 प्रतिशत के आसपास है.
इसके अलावा सरयू राय ने उन अधिकारियों की भी जांच की मांग की है जिन्होंने 26 हजार युवाओं को एक साथ नौकरी देने के दावे को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के पास भेजा था.
उन्होंने कहा कि अगर इसकी जांच हुई तो राज्य की कितनी बड़ी बदनामी होगी. विश्व स्तर पर झूठ को सामने नहीं लाया जाना चाहिए था.
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सरयू राय ने पहले भी उठाया था सवाल
झारखंड में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर 2018 में 26 हज़ार और 2019 में 1 लाख युवकों को नौकरी देना का खर्चीला फर्जीवाडा हुआ.मैने व विभागीय मंत्री नीरा जी ने कौशल विकास/रोज़गार घोटाला/फ़िज़ूलख़र्ची/अयोग्य सीईओ नियुक्ति का मामला सरकार में उठाया था.कारवाई नहीं हुई.घोटाला होते रहा.
— Saryu Roy (@roysaryu) February 4, 2020
सरयू राय ने कहा कि वे सरकार में रहते हुए भी कौशल विकास के कामों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. सरयू राय ने कहा कि उनके पास सभी एक लाख युवाओं के एड्रेस और फोन नंबर हैं.
आधे से अधिक नंबर गलत हैं. सरकार के पास नौकरी पाने वालों और नौकरी देने वालों, सभी का नंबर है, सरकार चाहे तो जांच करा ले. सरयू राय सदन में सभी नंबर और आंकड़ा लेकर पहुंचे थे.
सरकार द्वारा एसआइटी जांच की बात के बाद उन्होंने कहा कि यह निर्णय चीजों को सही दिशा में ले जाने का कार्य करेगी.
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सरयू राय पहले ही बता चुके हैं फर्जी
12.1.2018 को 26000 युवकों को नौकरी देने की घोषणा राज्य सरकार ने तामझाम के साथ की.इन सभी का व जहां इन्हे नौकरी मिली उनका नाम,पता,मोबाइल मेरे पास है.जाचने पर दावा फ़र्ज़ी निकला.पर लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड में यह दर्ज हो गया.किसने किया यह फर्जीवाडा? CM @HemantSorenJMM इसकी जाच करायें.
— Saryu Roy (@roysaryu) February 4, 2020
सरयू राय ने पहले ही विश्व युवा दिवस 2018 और 2019 में के दौरान दी गयी नौकरियों को फर्जी बता चुके हैं. 2018 में सरकार ने 26 हजार और 2019 में एक लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी.
उन्होंने इस पर पहले भी हेमंत सोरेन की सरकार से जांच कराने की मांग की थी. उन्होंने उस कार्यक्रम को तामझाम और पैसों की बरबादी करार दिया था.
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