
Ranchi : विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों को ताक पर रख कर बीएड कॉलेजों से एफलिशिएशन की फीस वसूल रहा है.
एनसीटीइ के नियमों के मुताबिक बीएड कॉलेजों को सत्र संचालन के विभिन्न कैटेगरी के तहत एक साल से लेकर स्थायी एफलिशिएशन देना है.
लेकिन विनोबा भावे विश्वविद्यालय 150000 रुपये एफलिशिएशन फीस वसूलने में लगा है. विवि के इस आदेश की वजह से विनोबा भावे वे विवि में आने वाले 46 बीएड कॉलेज परेशानी में हैं.
इसे भी पढ़ें : उग्रवादी पुनई उरांव के इशारे पर हुई थी जमीन कारोबारी इम्तियाज अंसारी की हत्या, मर्डर में शामिल अपराधी गिरफ्तार
2013 से ही स्थायी एफलिशिएशन देने का है नियम
विभिन्न कैटेगरी के तहत बीएड कॉलेजों को एफलिशिएशन देने का नियम 26 जुलाई 2017 से ही लागू है. यह नियम विवि के एफलिशिएशन एंड न्यू टीचिंग प्रोग्राम कमिटी की ओर से लिया गया है.
बैठक के बाद लिए गये निर्णय में कहा गया है कि नये शुरू किये गये बीएड कॉलेज को एक साल का एफलिशिएशन दिया जायेगा.
वहीं वैसे बीएड कॉलेज जिसने विश्वविद्यालय के तमाम शर्तों को पूरा करते हुए एक शैक्षणिक सत्र पूरा कर लिया है, उन्हें तीन साल का एफलिशिएशन दिया जायेगा.
इसके अलावा जिन्होंने तीन शैक्षणिक सत्र पूरा कर लिया है उन्हें स्थायी मान्यता देने का प्रावधान है.
इसे भी पढ़ें : सीएम हेमंत सोरेन ने की दुबई से युवक का शव लाने की पहल, विदेश मंत्री को किया ट्वीट
कुलसचिव के नाम से देना है ड्राफ्ट
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी बीएड कॉलेजों को कहा गया है कि एफलिशिएशन लेना बाध्यता है.
जानकारी के मुताबिक विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 46 बीएड कॉलेजों में 20 से अधिक कॉलेज ऐसे हैं, जो पांच साल से अधिक शैक्षणिक सत्र पूरा करा चुके हैं.
बीएड कॉलेजों को एफलिशिएशन फीस के रूप में 150000 रुपये कुल सचिव के नाम ड्राफ्ट बना कर देना है.
इसे भी पढ़ें : 10 साल से बन रहा रांची विवि का रेडियो खांची, उद्घाटन की बाट जोह रहा 76 लाख का स्टूडियो




