
New York: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई है. राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के हर आरोपों का भारत ने करारा जवाब दिया.
यूएन में भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा (Vidisha Maitra) ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भाषण नफरत से भरा था, और उन्होंने यूएन के मंच का गलत इस्तेमाल किया.
इसे भी पढ़ेंःसरकार के आश्वासन को टालने का बहाना मानते हैं #ParaTeachers, पढ़िये क्या कह रहे हैं
#WATCH Vidisha Maitra, First Secretary MEA exercises India’s right of reply to Pakistan PM Imran Khan’s speech says, “Can Pakistan PM confirm the fact it is home to 130 UN designated terrorists and 25 terrorist entities listed by the UN, as of today?” pic.twitter.com/vGFQH1MIql
— ANI (@ANI) September 28, 2019
पाकिस्तान का पर्दाफाश
विदिशा मैत्रा आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान का पर्दाफाश करते हुए कहा कि इमरान खान का भाषण भड़काऊ और उनकी बोली हर बात झूठ है.
साथ ही सवाल किया कि क्या पाकिस्तान इस बात को स्वीकार करेगा कि वो दुनिया का एकमात्र देश है जो वैसे शख्स को पेंशन देता है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने अल कायदा और ISIS जैसे आतंकियों की लिस्ट में रखा है.
मानवाधिकार की बात करने वाले पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए भारत ने कहा कि सबसे पहले पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत देखनी चाहिए. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति बदतर है और उनपर जुल्म हो रहे हैं. जिनकी संख्या 23 प्रतिशत से 3 प्रतिशत पर पहुंच गई है.
पाकिस्तान को इतिहास नहीं भूलने की नसीहत देते हुए विदिशा मैत्रा ने कहा कि पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि 1971 में उन्होंने अपने लोगों के साथ क्या किया था. उन्होंने कहा कि पाक ने खुलेआम लादेन का बचाव किया है.
इसे भी पढ़ेंः#UnitedNations में #PMModi के 17 मिनट : कहा, आतंकवाद मानवता के लिए चुनौती, हमने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिया …
‘130 आतंकियों को नकार सकते हैं?’
यूएन में भारत की सबसे नई सदस्य विदिशा मैत्रा ने पाकिस्तान के झूठ का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि क्या पाकिस्तान इस बात को नकार सकता है कि आज संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी करार दिए गए 130 लोग उसके देश में रहते हैं.
क्या पाकिस्तान इससे इनकार कर सकता है कि यूएन द्वारा प्रतबंधित 25 आतंकी संगठनों का ठिकाना भी पाकिस्तान है. इसके अलावा विदिशा मैत्रा ने UN में कहा, ‘दुनिया को पाकिस्तान में जाकर हालात देखना चाहिए. पाक आतंकवाद पर और हम विकास पर जोर दे रहे हैं.’
‘इमरान खान का व्यवहार छोटे नेता की तरह’
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के भाषण पर सवाल उठाते हुए प्रथम सचिव ने कहा कि उन्होंने यूएन के मंच का गलत इस्तेमाल किया. संयुक्त राष्ट्र के मंच से जिस तरह से पीएम न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देते हैं वो एक राजनेता का व्यवहार नहीं है, बल्कि एक छोटे नेता का व्यवहार है.
Pak PM’s threat of nuclear devastation, not statesmanship: India
Read @ANI Story | https://t.co/tEdBd6KW3R pic.twitter.com/zEpIytyyDG
— ANI Digital (@ani_digital) September 28, 2019
उन्होंने ये भी कहा, ”वह (इमरान खान) जो कभी क्रिकेटर थे और जेंटलमैन के खेल पर भरोसा रखते थे. आज उनका भाषण असभ्यता की चरम सीमा तक पहुंच गया है जो कि एकदम दारा आदम खल की बंदूकों की याद दिलाता है.”
पाकिस्तान द्वारा मानवाधिकार का मुद्दा उठाने पर भारत ने फटकार लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश जो आतंकवाद और नफरत को मुख्यधारा में शामिल कर चुका है, वो अब मानवाधिकारों का चैम्पियन बनकर अपना वाइल्डकार्ड इस्तेमाल करना चाहता है.
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सभागार के मंच से इमरान खान ने अपने भाषण में कश्मीर, परमाणु युद्ध जैसी बातों का पुराना राग अलापा. अपने 50 मिनट के भाषण में करीब 26 मिनट वो कश्मीर, मुस्लमान और न्यूक्लियर हथियार की बातें और गीदड़भभकी देते रहे.
जिसके बाद राइट टू रिप्लाई के तहत भारत ने इमरान खान के सभी आरोपों का जवाब दिया. भारत की ओर से यूएन में भारत की सबसे नई सदस्य और प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया.
वहीं इमरान खान से पहले पीएम मोदी ने यूएन महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिया है. आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताते हुए विश्व को इसके खिलाफ एकजुट होने की जरुरत पर बल दिया.
इसे भी पढ़ेंःजितनी चिंता #Kashmir पर जता रहे हैं, उतनी चीन में नजरबंद मुसलमानों को लेकर भी जताये पाकिस्तान : अमेरिका




