
NewDelhi : देश में रोजगार कम नहीं है, उत्तर भारत में योग्य युवाओं की कमी है. इस बयान के बाद केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार चौतरफा घिर गये हैं. कांग्रेस, बसपा समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार द्वारा इसे उत्तर भारतीयों का अपमान करार दिया है.
जान लें कि केंद्रीय मंत्री गंगवार ने अपने संसदीय क्षेत्र बरेली में पत्रकारों बात करते हुए कहा था कि वह रोजगार मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे हैं, इसलिए उनको हकीकत पता है. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने स्पष्ट कहा कि खासकर उत्तर भारत में अच्छी शिक्षा प्राप्त युवाओं की कमी है. उन्होंने कहा, देश में रोजगार की कमी नहीं है. उत्तर भारत में जो रिक्रूटमेंट करने आते हैं, वो इस बात का सवाल करते हैं कि जिस पद के लिए हम रख रहे हैं, उस क्वॉलिटी का व्यक्ति हमें कम मिलता है.
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रोजगार की कमी नहीं है, बल्कि बहुत अवसर हैं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजकल अखबारों में रोजगार की बात आ रही है. हम इसी मंत्रालय को देखने का काम कर रहे हैं और रोज ही इसको मॉनिटर करने का काम करते हैं. जो बात हमारी समझ में आयी है, मैं इतना ही कह सकता हूं कि देश के अंदर रोजगार की कमी नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने दावा किया है कि रोजगार की कमी नहीं है, बल्कि बहुत अवसर हैं. इस क्रम में मंत्री ने रोजगार देने के सरकारी प्रयासों का भी जिक्र किया,
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उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच निकलना चाहते हैं, यह नहीं चलेगा
उनके बयान के बाद विपक्ष मंत्री पर हमलावर हो गया है, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी केंद्रीय मंत्री पर जोरदार हमला बोला है. कहा कि आप उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच निकलना चाहते हैं, यह नहीं चलेगा. प्रियंका प्रियंका गांधी ने ट्वीट में किया कि मंत्रीजी पांच साल से ज्यादा समय से आपकी सरकार है.
नौकरियां पैदा नहीं हुईं. जो नौकरियां थीं, वह सरकार द्वारा लायी आर्थिक मंदी के चलते जा रही हैं. नौजवान रास्ता देख रहे हैं कि सरकार कुछ अच्छा करे. आप उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच निकलना चाहते हैं. यह नहीं चलेगा.
मंत्री का बयान अत्यंत शर्मनाक
पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर मंत्री के बयान को अत्यंत शर्मनाक बताया. उन्होंने मांग भी की कि केंद्रीय मंत्री को अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.
मायावती ने ट्वीट किया, देश में छाई आर्थिक मंदी आदि की गंभीर समस्या के संबंध में केंद्रीय मंत्रियों के अलग-अलग हास्यास्पद बयानों के बाद अब देश व खासकर उत्तर भारतीयों की बेरोजगारी दूर करने के बजाय यह कहना कि रोजगार की कमी नहीं बल्कि योग्यता की कमी है, अति-शर्मनाक है जिसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.
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