
Giridih: आर्थिक मंदी का खौफ अब बाजार में नजर आना शुरु हो गया है. स्थिति में सुधार कब तक होगा, यह तो फिलहाल भविष्य के गर्भ में है? लेकिन मंदी के कारण गिरिडीह के स्टील कारखानों का उत्पादन करीब 20 दिनों से जहां 50 फीसदी गिर चुका है. वहीं ऑटो सेक्टर की बात करें, तो दो पहिया वाहनों के ब्रिकी में भी मंदी का असर दिख रहा है.
शहर के हर दो पहिया वाहनों के शोरुम में 31 फीसदी वाहनों के ब्रिकी में गिरावट आ चुकी है. शोरुम के प्रबंधक और सेल्स विभाग के पदाधिकारी ये बता रहे हैं. हर शोरुम प्रबंधक को अब चिंता इस बात की है कि आने वाले कुछ दिनों में त्योहारों का सीजन शुरु होने वाला है. ऐसे में स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो दो पहिया वाहनों के कारोबार पर प्रभाव पड़ना तय है.
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सभी कंपनी के दो पहिया वाहनों की बिक्री घटी
हीरो शोरुम के महाप्रबंधक विशाल भूषण ने बताया कि पिछले साल जूलाई और अगस्त माह में स्कूटी और बाइक की ब्रिकी 19 फीसदी अधिक थी. मार्केट ग्रोथ भी मजबूत था. वहीं इस साल जूलाई और अगस्त माह में स्कूटी और बाईक के कारोबार में 31 फीसदी की गिरावट हुई है. जो काफी अधिक है.
यह स्थिति सिर्फ हीरो कंपनी के वाहनों की नहीं. बल्कि हर कंपनी के वाहन में है. हीरो कंपनी के स्कूटी में जहां 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी, वहीं बाईक में 31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी है. कुल मिलाकर 31 फीसदी की गिरावट दो पहिया वाहनों के कारोबार में आयी है.
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ऑफर का भी नहीं पड़ रहा असर
शहर के बजाज शोरुम के सेल्स विभाग के राजेश कुमार का कहना है कि आर्थिक मंदी के कारण ही वाहन के ब्रिकी में गिरावट आयी है. जिस प्रकार पिछले साल ब्रिकी थी, वह इस साल नहीं है. ग्राहक तो शोरुम का रुख नहीं कर रहे हैं. जबकि ग्राहकों को आर्कषित करने के लिए कंपनी और शोरुम की और से कई ऑफर दिये जा रहे हैं. राजेश का कहना है कि त्योहार में कुछ और ऑफर शुरु किये जायेंगे.
जिसका मकसद सिर्फ वाहनों में ब्रिकी में वृद्धि करना है. क्योंकि गिरावट अगर ऐसे ही लगातार बनी रही तो शोरुम को और स्टॉक मंगाने की जरुत नहीं पड़ेगी. नये स्टॉक में ईलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं. जिसे मंगाया जाना है. लेकिन जब तक पुराने स्टॉक नहीं बिकते हैं, नया स्टॉक मंगाना संभव नहीं है.
इधर होंडा कंपनी के वाहनों का भी यही हाल है. शोरुम में सारा दिन शोरुम कर्मी तो रहते हैं, लेकिन ब्रिकी नहीं है.
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